Chanakya Niti: जीवन की ये तीन बात अपने तक ही रखें सीमित, नहीं तो आपका दोस्‍त और भाई भी बन जाएगा दुश्‍मन

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 5, 2022, 11:21 AM IST

Chanakya Niti in Hindi: नीतिशास्‍त्र में आचार्य चाणक्‍य ने तीन ऐसी बातों का जिक्र किया है, जिसे कभी किसी के सामने जिक्र नहीं करना चाहिए। ऐसी बातों की जानकारी मिलने के पर भाई और सच्‍चा मित्र भी आपके दुश्‍मन बन सकते हैं। साथ ही इन बातों की जानकारी मिलने पर कोई आसानी से आपकी मजबूरी का फायदा उठाकर आपको बर्बाद कर सकता है।

Chanakya Niti: जीवन की ये तीन बात अपने तक ही रखें सीमित, नहीं तो आपका दोस्‍त और भाई भी बन जाएगा दुश्‍मन
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Chanakya Niti in Hindi: सफलता प्राप्‍त करनी हो या फिर जीवन की परेशानियों को खत्‍म करना। हर जगह आचार्य चाणक्‍य की नीतियां काम आती है। आचार्य चाणक्य ने अपनी इन खास नीतियों के माध्‍यम से ही चंद्रगुप्त को अखंड भारत का सम्राट बनाया था। नीतिशास्‍त्र में मनुष्य कल्याण के लिए भी कई बातों का जिक्र किया गया है। अगर व्‍यक्ति इन नीतियों को अमल में लाए तो वह एक सहज जीवन बीता कर सकता है। आचार्य चाणक्य ने नीतिशास्‍त्र में तीन ऐसी बातों का जिक्र किया है, जिसके बारे में कभी किसी को नहीं बताना चाहिए। ये बातें अगर आपके खास दोस्‍त या भाई को भी पता चल जाए तो वह भी आपकी मजबूरी का फायदा उठा सकता है।

दांपत्य जीवन की बातें अपने तक रखें

आचार्य चाणक्‍य कहते हैं कि दांपत्य जीवन से जुड़ी बातों का कभी तीसरे व्‍यक्ति के सामने चर्चा नहीं करनी चाहिए। पति-पत्नी के बीच होने वाली बातें हमेशा गुप्‍त रखनी चाहिए, क्‍योंकि ऐसी बातों में कई ऐसी जानकारियां होती हैं, जिसकी जानकारी मिलने पर आपका सबसे करीबी मित्र भी आपको ब्‍लैकमेल कर सकता है। इसके अलावा पति-पत्नी के बीच होने वाली चर्चा अगर बाहर चली गईं तो उससे वैवाहिक जीवन में दरार पड़ जाती है। साथ ही व्‍यक्ति समाज में उपहास का पात्र बन जाता है।

आर्थिक स्थिति न बताएं

आचार्य चाणक्‍य के अनुसार लोगों को कभी भी किसी के सामने अपने सही आर्थिक स्थिति या धन की चर्चा नहीं करनी चाहिए। क्‍योंकि धन के मामले में किसी पर भी विश्वास करना खतरनाक होता है। व्‍यक्ति को मौजूदा धन, कर्ज और आर्थिक नुकसान जैसी जानकारी अपने तक ही सीमित रखनी चाहिए। आपके पास धन होने की जानकारी मिलने पर जहां आपका भाई भी आपका दुश्‍मन बन हड़पने की कोशिश कर सकता है। वहीं आपको कर्ज में दबा देखकर आपका सच्‍चा दोस्‍त भी आपसे दूरी बना सकता है।

धोखे की बात भी छुपाएं

आचार्य चाणक्‍य कहते हैं कि व्‍यक्ति को अपने साथ हुए धोखाधड़ी की बात भी छुपाकर रखनी चाहिए। ऐसी बातों का जिक्र सिर्फ परिवार वालों के सामने ही करें। अगर किसी बाहरी व्‍यक्ति को इस बात का पता चल गया तो हो सकता है कि वह आपकी काबीलियत पर सवाल उठाते हुए आपको कमजोर बुद्धि वाला समझने लगे या फिर आपको कोई मंद बुद्धि समझ फिर से धोखाधड़ी करने की कोशिश करे।

(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)

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