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April Vrat Tyohar 2025: अप्रैल के महीने में पड़ेंगे ये व्रत-त्योहार, जानिए चैत्र नवरात्रि से लेकर अक्षय तृतीया तक की डेट यहां

April Vrat Tyohar 2025 (अप्रैल व्रत त्योहार 2025): अप्रैल महीना हिंदू धर्म में विशेष महत्त्व रखता है। इस माह में कई महत्वपूर्ण व्रत, त्योहार और अनुष्ठान आते हैं जो श्रद्धालुओं के लिए आस्था और भक्ति से भरपूर होते हैं। साथ ही वैशाख माह का प्रारंभ भी इसी दौरान होता है, जिसे धार्मिक दृष्टि से अत्यंत ही शुभ माना जाता है। ऐसे में यहां देखें अप्रैल व्रत त्योहार 2025 की लिस्ट।

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April Vrat Tyohar List 2025

April Vrat Tyohar 2025 (अप्रैल व्रत त्योहार 2025): अप्रैल का महीना हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र और वैशाख माह में आता है, जो धार्मिक दृष्टि से अत्यंत ही शुभ माने जाते हैं। इस माह में कई प्रमुख त्योहार और व्रत आते हैं, जो साधकों की भक्ति और आस्था को प्रकट करते हैं। अप्रैल की शुरुआत चैत्र नवरात्रि से होती है, जिसमें नौ दिनों तक माता दुर्गा के नौ रूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। इसी दौरान राम नवमी का पर्व भी मनाया जाता है, जो भगवान राम के जन्म की त‍िथि‍ मानी जाती है। इसके अलावा, हनुमान जयंती भी इसी महीने में आती है। जैन धर्म के अनुयायियों के लिए ये महीना विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इस दौरान भगवान महावीर की जयंती मनाई जाती है। इस माह में वैशाख पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है, जो भगवान बुद्ध के जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण से जुड़ी हुई है। मान्‍यताओं के अनुसार अप्रैल का महीना धार्मिक अनुष्ठानों, व्रत, दान-पुण्य और साधना के लिए उत्तम माना जाता है। आइए जानते हैं क‍ि अप्रैल के महीने में कौन से व्रत-त्‍योहार आने वाले हैं।

अप्रैल व्रत त्योहार 2025 (April Vrat Tyohar 2025)

  • 1, अप्रैल - विनायक चतुर्थी
  • 2, अप्रैल - चैती छठ (नहाय-खाय)
  • 3, अप्रैल - चैती छठ (संध्या अर्घ्य)
  • 4, अप्रैल - चैती छठ (ऊषा अर्घ्य)
  • 6, अप्रैल – राम नवमी
  • 8, अप्रैल - कामदा एकादशी
  • 10, अप्रैल - प्रदोष व्रत
  • 12, अप्रैल - हनुमान जयंती, चैत्र पूर्णिमा व्रत
  • 13, अप्रैल - वैशाख प्रारंभ
  • 14, अप्रैल - मेष संक्रांति
  • 16, अप्रैल - विकट संकष्टी चतुर्थी
  • 24, अप्रैल - वरुथिनी एकादशी
  • 25, अप्रैल - प्रदोष व्रत
  • 26, अप्रैल - मासिक शिवरात्रि
  • 27, अप्रैल - वैशाख अमावस्या
  • 29, अप्रैल - परशुराम जयंती
  • 30, अप्रैल - अक्षय तृतीया

राम नवमी का महत्व (Ram Navami ka Mahatva)

राम नवमी हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण पर्व है, जिसे भगवान राम के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। ये पर्व प्रतिवर्ष चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को धूमधाम से मनाया जाता है। ये दिन विशेष रूप से अयोध्या, सहित संपूर्ण भारत में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। भगवान राम को भगवान विष्णु का सातवां अवतार माना जाता है, जिन्होंने त्रेता युग में अधर्म और असत्य के विनाश हेतु पृथ्वी पर अवतार लिया था। राम नवमी के दिन श्रद्धालु उपवास रखते हैं, मंदिरों में पूजा-अर्चना करते हैं और रामायण एवं रामचरितमानस का पाठ करते हैं। राम नवमी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि मानव जीवन को सत्य, प्रेम और सदाचार के मार्ग पर ले जाने की प्रेरणा देने वाला दिन भी है।

Medha Chawla
मेधा चावलाauthor

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेधा की विशेषज्ञता हेल्थ, वेलनेस, फिटनेस, मेंटल हेल्थ, डेली लाइफ इम्प्रूवमेंट, ह्यूमन-इंटरेस्ट फीचर्स और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज तक फैली है। उनकी लेखन शैली पाठकों को जटिल स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विषयों को आसान, समझने योग्य और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे उनका कंटेंट व्यापक पाठक समूह से जुड़ता है। अबतक 30,000 से अधिक कंटेंट पीस लिख चुकी मेधा की कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड सेट कर चुकी हैं।

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