अध्यात्म

Apara Ekadashi 2023: अपरा एकादशी 2023 कब है? जानिए ज्येष्ठ कृष्ण एकादशी व्रत की डेट, मुहूर्त व महत्व

  • Authored by: अवनी बागरोला
  • Updated May 6, 2023, 12:58 PM IST

Apara Ekadashi 2023 Date: अपरा एकादशी, हर साल ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की एकदाशी तिथि को राखी जाती है। ये व्रत भगवान विष्णु की आराधना के लिए खास माना जाता है। यहां जानिए इस साल अपरा एकादशी की डेट, मुहूर्त और महत्व इन हिंदी।

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Apara ekadashi 2023: when is apara ekadashi 2023 know day date puja timing and significance

Apara Ekadashi 2023 Date: सनातन धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है। यह हर महीने दो बार आती है- एक कृष्ण पक्ष तो दूसरी शुक्ल पक्ष में। लेकिन, ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष में आने वाली एकदाशी अपरा एकादशी या अजला एकादशी के नाम से जाना जाता है। पद्म पुराण के अनुसार, अपरा एकादशी व्रत अपार धन और पुण्यों को देने वाली तथा समस्त पापों का नाश करने वाली मानी जाती है। इस दिन भगवान विष्णु की विशेष पूजन का विधान है। कहते हैं अपरा एकादशी का व्रत रखने से आसाध्य रोगों से मुक्ति मिलती है। जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है। जानिए इस साल अपरा एकादशी की डेट, मुहूर्त और महत्व इन हिंदी।

अपरा एकादशी 2023 कब है, When Is Apara Ekadashi 2023

हिंदू पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को अपरा एकादशी व्रत के नाम से जाना जाता है। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार, यह व्रत 15 मई 2023 (Apara Ekadashi 2023 Date), सोमवार के दिन है। इस दिन श्रीहरि भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा की जाती है। आगे जानिए व्रत की मुहूर्त..

अपरा एकादशी 2023 मुहूर्त, Apara Ekadashi 2023 Shubh Muhurat

एकादशी तिथि प्रारंभ: 15 मई, सोमवार, प्रात: 02:46 बजे।

एकादशी तिथि समापन: 16 मई, मंगलवार, प्रातः 01:03 बजे।

विष्णु जी की पूजा का मुहूर्त - सुबह 08:54 बजे से सुबह 10:36 बजे तक (15 मई 2023)

व्रत पारण समय - 16 मई, सुबह 06:41 से सुबह 08:13 बजे तक।

अपरा एकादशी महत्व, Apara Ekadashi 2023 Significance

शास्त्रों के अनुसार, अपरा एकादशी अपार धन और पुण्य प्रदान करने वाली है तथा समस्त पापों का नाश करने वाली मानी जाती है। अपरा एकादशी का व्रत करने से फल गंगा तट पर पितरों को पिंडदान करने सामान फलों की प्राप्ति होती है। इतना ही नहीं, अपरा एकादशी का व्रत करने मात्र से सूर्यग्रहण में स्वर्णदान करने जितना फल मिलता है। वहीं, इस दिन भगवान विष्णु संग माता लक्ष्मी की विधि अनुसार पूजा करने और ब्राह्मणों को दान देने से यस-कीर्ति और धन-वैभव में वृद्धि होती है।

अवनि बागरोला
अवनी बागरोलाauthor

अवनी बागरोला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के लाइफस्टाइल सेक्शन में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। फैशन, ब्यूटी, ट्रेंड्स, पर्सनल स्टाइलिंग और आधुनिक जीवनशैली से जुड़े कंटेंट पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें युवा और स्टाइल-सेवी ऑडियंस के बीच खास पहचान दिलाती है। अवनी की लेखन शैली सरल, ट्रेंडी और यूज़र-फ्रेंडली है, जो पाठकों को तेजी से बदलते फैशन व लाइफस्टाइल ट्रेंड्स को समझने में मदद करती है। अब तक 2,500 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुकी अवनी क्रिएटिव अप्रोच, अपडेटेड नॉलेज और रियल-टाइम ट्रेंड सेंस के लिए जानी जाती हैं।

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