अध्यात्म

Amla Navami Ki Aarti: आंवला नवमी के दिन करें भगवान विष्णु की ये आरती, हर मनोकामना होगी पूर्ण

Amla Navami Ki Aarti: आंवला नवमी के दिन विशेष रूप से भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। ऐसे में इस दिन पूजा के समय भगवान विष्णु की ये आरती जरूर करनी चाहिए।

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Amla Navami Ki Aarti

Amla Navami Ki Aarti: सनातन धर्म में आंवला नवमी पर्व का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यताओं अनुसार इस दिन भगवान कृष्ण ने कंस का वध किया था। इस पर्व से जुड़ी एक ये भी मान्यता है कि इस दिन जो कोई भी आंवले का सेवन करता है उसे उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है। इस दिन आंवले के पेड़ की पूजा का भी विशेष महत्व माना जाता है। चलिए आपको बताते हैं आंवला नवमी की पूजा में कौन सी आरती करनी चाहिए।

आंवला नवमी की आरती (Amla Navami Ki Aarti)

ॐ जय जगदीश हरे

स्वामी जय जगदीश हरे

भक्त जनों के संकट

दास जनों के संकट

क्षण में दूर करे

ॐ जय जगदीश हरे

जो ध्यावे फल पावे

दुःखबिन से मन का

स्वामी दुःखबिन से मन का

सुख सम्पति घर आवे

सुख सम्पति घर आवे

कष्ट मिटे तन का

ॐ जय जगदीश हरे

मात पिता तुम मेरे

शरण गहूं किसकी

स्वामी शरण गहूं मैं किसकी

तुम बिन और न दूजा

तुम बिन और न दूजा

आस करूं मैं जिसकी

ॐ जय जगदीश हरे

तुम पूरण परमात्मा

तुम अन्तर्यामी

स्वामी तुम अन्तर्यामी

पारब्रह्म परमेश्वर

पारब्रह्म परमेश्वर

तुम सब के स्वामी

ॐ जय जगदीश हरे

तुम करुणा के सागर

तुम पालनकर्ता

स्वामी तुम पालनकर्ता

मैं मूरख फलकामी

मैं सेवक तुम स्वामी

कृपा करो भर्ता

ॐ जय जगदीश हरे

तुम हो एक अगोचर

सबके प्राणपति

स्वामी सबके प्राणपति

किस विधि मिलूं दयामय

किस विधि मिलूं दयामय

तुमको मैं कुमति

ॐ जय जगदीश हरे

दीन-बन्धु दुःख-हर्ता

ठाकुर तुम मेरे

स्वामी रक्षक तुम मेरे

अपने हाथ उठाओ

अपने शरण लगाओ

द्वार पड़ा तेरे

ॐ जय जगदीश हरे

विषय-विकार मिटाओ

पाप हरो देवा

स्वमी पाप हरो देवा

श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ

श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ

सन्तन की सेवा

ॐ जय जगदीश हरे

ॐ जय जगदीश हरे

स्वामी जय जगदीश हरे

भक्त जनों के संकट

दास जनों के संकट

क्षण में दूर करे

ॐ जय जगदीश हरे

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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