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Akshaya Tritiya Upay In Hindi: अक्षय तृतीया पर इन उपायों को करने से मां लक्ष्मी की बरसेगी विशेष कृपा

Akshaya Tritiya Upay In Hindi: अक्षय तृतीया का दिन अबूझ मुहूर्तों में से एक माना जाता है। कहते हैं इस दिन कोई भी शुभ मांगलिक कार्य बिना ज्योतिषीय परामर्श के किया जा सकता है। इतना ही ये दिन मां लक्ष्मी की विशेष कृपा पाने के लिए भी खास होता है। यहां आप जानेंगे अक्षय तृतीया के उपाय माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए।

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Akshaya Tritiya Upay

Akshaya Tritiya Upay In Hindi: अक्षय तृतीया में अक्षय का अर्थ है कभी खत्म न होने वाला। मतलब ऐसी चीज जिसका कभी भी नाश नहीं हो सकता। कहते हैं अक्षय तृतीया के दिन किए गए शुभ कार्यों के फलों का कभी अंत नहीं होता। इसलिए इस दिन स्नान, दान, जप, तप, खरीदारी आदि का विशेष महत्व माना गया है। पंचांग अनुसार ये पावन त्योहार प्रत्येक वर्ष वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को पड़ता है। यहां हम आपको अक्षय तृतीया के खास उपाय।

अक्षय तृतीया के उपाय (Akshaya Tritiya Ke Upay In Hindi)

पहला उपाय: अक्षय तृतीया पर माता लक्ष्मी को नारियल अवश्य चढ़ाएं। कहते हैं इससे माता लक्ष्मी बेहद प्रसन्न होंगी और जिससे आपके जीवन में धन संबंधी समस्याएं दूर होंगी।

दूसरा उपाय: अगर आपकी संतान का विवाह नहीं हो रहा है तो इस दिन आसपास हो रही किसी शादी में कन्यादान जरूर करें। इससे आपकी समस्या दूर हो जाएगी।

तीसरा उपाय: अक्षय तृतीया के दिन अनाज, जौ, ककड़ी, खरबूजा, सोने-चांदी के आभूषण या सिक्के, जल से भरे घड़े, पंखा, कपड़े इत्यादि का दान कर सकते हैं। कहते हैं इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। इसके अलावा इस दिन किसी भूखे व्यक्ति को भोजन भी जरूर खिलाएं।

चौथा उपाय: अक्षय तृतीया पर जौ या पीली सरसों जरूर खरीदें। इसे एक पोटली में बांधकर जहां धन रखते हैं उस स्थान पर रख दें। ऐसा करने से आपके जीवन में धन-धान्य की कभी कमी नहीं होगी। इसके साथ जौ का दान भी करें।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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