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Akshaya Tritiya Puja Samagri In Hindi: अक्षय तृतीया की पूजा में क्या-क्या सामान लगेगा, नोट कर लें पूरी सामग्री लिस्ट

Akshaya Tritiya Puja Samagri: अक्षय तृतीया के दिन भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और श्री गणेश जी की पूजा का विशेष महत्व माना गया है। जानिए अक्षय तृतीया की पूजा में किन सामग्री की जरूरत पड़ेगी।

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Akshaya Tritiya Puja Samagri

Akshaya Tritiya Puja Samagri (अक्षय तृतीया पूजा सामग्री): अक्षय तृतीया का दिन बेहद शुभ माना जाता है। मान्यताओं अनुसार इस दिन किए गए शुभ कार्यों का फल इस जन्म ही नहीं बल्कि अगले जन्म तक भी मिलता है। इसलिए इस दिन लोग सोने-चांदी की खरीदारी करते हैं। कहते हैं इस दिन खरीदी गई वस्तु की जीवन में कभी कमी नहीं होती। अक्षय तृतीया पर माता लक्ष्मी, भगवान विष्णु और श्री गणेश भगवान की पूजा होती है। जानिए इनकी पूजा में क्या-क्या सामान लगेगा।

Akshaya Tritiya Puja Samagri (अक्षय तृतीया पूजा सामग्री)

  • विष्णु भगवान और लक्ष्मी माता की फोटो
  • लक्ष्मी-गणेश जी की फोटो
  • पीला कपड़ा
  • मिट्टी का घड़ा जल से भरा़
  • गेहूं
  • कलावा
  • घी का दीपक
  • चंदन
  • अक्षत
  • कलावा
  • भगवान नारायण और गणेश जी के लिए जनेऊ
  • इत्र
  • दक्षिणा
  • फल
  • फूल
  • अक्षय तृतीया पर खरीदा गया सामान

Akshaya Tritiya Puja Vidhi (अक्षय तृतीया पर पूजा विधि)

अक्षय तृतीया पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। कई लोग इस दिन व्रत भी रखते हैं। अक्षय तृतीया की पूजा के लिए सुबह जल्दी उठ जाएं और स्नान आदि करें। इसके बाद भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित करें और उन्हें अक्षत अर्पित करें। फिर भगवान को कमल के पुष्प या कोई भी पीले फूल, धूप दीपक और चंदन अर्पित करें। मंदिर में गणेश जी की भी प्रतिमा करें। विधि विधान पूजा करने के बाद नैवेद्य के रूप में भगवान को जौ, गेहूं या फिर सत्तु, ककड़ी, खीरा, फल, चने की दाल चढ़ाएं। इसके बाद जरूरतमंदों को भोजन कराएं और उन्हें दान दें।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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