Akshaya Tritiya 2026 Date, Time, Puja Vidhi LIVE: क्या 20 अप्रैल को भी अक्षय तृतीया है, क्या आज सोमवार को भी बनेगा शुभ योग, जानें कब तक रहेगा सबसे अच्छा मुहूर्त
Akshaya Tritiya kyon Manae Jaati hai (akshay tritiya par kya daan karna chahie), Puja Vidhi, Mantra, Vaishakh Shukla Paksha Tritiya Grah Pravesh, Vivaah, Snan Daan ka Ka Samay Live Updates: वर्ष 2026 में अक्षय तृतीया की तिथि को लेकर लोगों में भ्रम बना हुआ है कि यह 19 अप्रैल को है या 20 तारीख को। इस दिन विवाह, गृह प्रवेश, व्यापार आरंभ और सोना खरीदना बिना मुहूर्त के शुभ माना जाता है। स्नान-दान, भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा तथा जरूरतमंदों को अन्न-जल दान करने का विशेष महत्व है। यहां जानें अक्षय तृतीया कब है 2026 में। देखें आखा तीज की सही डेट क्या है 2026 की। अक्षय तृतीया 2026 का शुभ मुहूर्त क्या है। अक्षय तृतीया पर कौन सी जयंती आती है। अक्षय तृतीया की पूजा का सबसे अच्छा मुहूर्त कब है। क्या सोमवार यानी 20 अप्रैल को भी अक्षय तृतीया है। क्या 20 अप्रैल को भी सोना खरीदने का योग है।
Akshaya Tritiya 2026 Date, Time, Puja Vidhi LIVE: क्या 20 अप्रैल को भी अक्षय तृतीया है, क्या आज सोमवार को भी बनेगा शुभ योग, जानें कब तक रहेगा सबसे अच्छा मुहूर्त
अक्षय तृतीया कब है 2026 में
वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 19 अप्रैल सुबह 10:49 बजे से शुरू होकर 20 अप्रैल सुबह 7:27 बजे तक रहेगी। धार्मिक मान्यता के अनुसार उदया तिथि के आधार पर अक्षय तृतीया 20 अप्रैल को मनाना अधिक शुभ माना जाएगा।
अक्षय तृतीया पर सोना खरीदने का शुभ मुहूर्त
अक्षय तृतीया 2026 शुभ मुहूर्त
अक्षय तृतीया 2026 तिथी प्रारम्भ: 19 अप्रैल को सुबह 10 बजकर 49 मिनट से
अक्षय तृतीया 2026 तिथी समापन: 20 अप्रैल को सुबह 07 बजकर 27 मिनट तक रहेगी
इसके अलावा दोपहर में 01:58 से 03:35 बजे तक, शाम को 06:49 से 10:57 बजे तक और रात में 20 अप्रैल को 01:43 से 03:05 बजे तक भी शुभ मुहूर्त रहेगा। मान्यता है कि इस दिन किए गए दान, पूजा और अच्छे कामों का फल कभी खत्म नहीं होता और जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
अक्षय तृतीया कब आती है
अक्षय तृतीया हिंदू धर्म का अत्यंत शुभ पर्व है, जिसमें किए गए दान, पूजा और शुभ कार्यों का फल कभी समाप्त नहीं होता, इसलिए इसे ‘अक्षय’ कहा जाता है। यह वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को आती है।
अक्षय तृतीया क्यों मनाई जाती है
अक्षय तृतीया को युगादि तिथि कहते हैंं। आज ही के दिन त्रेता युग का प्रारम्भ और सतयुग का समापन हुआ था। भगवान परशुराम का जन्म आज ही के दिन हुआ था। वेदव्यास जी ने अक्षय तृतीया के दिन से ही महाभारत को लिखना प्रारम्भ किया था। इस दिन सत्तू का दान और सेवन दोनों ही बहुत शुभ मन जाता है
19 अप्रैल 2026 का पंचांग रविवार:
दिन: रविवार
मास: वैशाख
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: तृतीया
तिथि समय
तृतीया तिथि प्रारंभ: सुबह 10:49 बजे (19 अप्रैल 2026)
तृतीया तिथि समाप्त: सुबह 07:27 बजे (20 अप्रैल 2026)
सूर्योदय / सूर्यास्त
सूर्योदय: लगभग 05:52 बजे
सूर्यास्त: लगभग 06:48 बजे
चंद्र संबंधित जानकारी
चंद्र राशि: मेष
चंद्रोदय: लगभग 06:47 बजे
चंद्रास्त: लगभग 21:12 बजे
शुभ मुहूर्त
पूजा मुहूर्त:
सुबह 10:49 बजे से दोपहर 12:20 बजे तक
कुल अवधि: 1 घंटा 31 मिनट
Times Now Navbharat
अभिजीत मुहूर्त:
12:00 PM – 12:51 PM
ब्रह्म मुहूर्त:
04:29 AM – 05:17 AM
अशुभ समय
राहुकाल:
लगभग 05:10 PM – 06:45 PM
यमगंड काल:
12:26 PM – 02:00 PM
गुलिक काल:
03:35 PM – 05:10 PM
इस दिन क्या करें
दान का महत्व
इस दिन दान करने से पुण्य कई गुना बढ़ जाता है। खासकर भोजन, कपड़े और जरूरत की चीजें दान करना शुभ होता है।
खरीदारी के लिए सही समय
सोना-चांदी या नई चीजें खरीदने के लिए सुबह का समय सबसे अच्छा रहता है। इस समय किया गया निवेश लंबे समय तक लाभ देने वाला माना जाता है।
क्या सोमवार को बनेगा शुभ योग?
सोमवार भगवान शिव और चंद्रमा से जुड़ा दिन होने से शुभ फल दोगुना माना जाता है।
व्रत और नियम
कुछ लोग इस दिन व्रत रखते हैं और सात्विक भोजन करते हैं। सादगी और श्रद्धा के साथ किया गया व्रत अधिक फल देता है।
अक्षय तृतीया का महत्व
माना जाता है कि इस दिन किए गए काम, खरीदारी और दान का फल कभी खत्म नहीं होता।
अक्षय तृतीया पर कौन सी आदतें अपनानी चाहिए?
दान, संयम, सकारात्मक सोच और पूजा-पाठ जैसी अच्छी आदतें अपनानी चाहिए।
सरल तरीके से स्थापित करें अक्षय पात्र
अक्षय तृतीया पर क्या दान करें?
अक्षय तृतीया पर अन्न, कपड़े और पानी का दान करना सबसे अच्छा माना जाता है।
