Sunrise Today Timing (20 January 2026): आज सूरज कब निकलेगा, नोट करें सूर्योदय का सही समय और सूर्य नमस्कार के नियम
- Authored by: Srishti
- Updated Jan 20, 2026, 06:38 AM IST
Aaj Suraj Kab nikalega 20 January 2026 (सूरज निकलने का समय आज का): आज सूरज कितने बजे निकलेगा? आज सूर्योदय का समय क्या है? सूर्य देव को कैसे नमस्कार किया जाता है? इस तरह के सभी सवालों के जवाब यहां मौजूद हैं। साथ ही यहां हर शहर के सूर्योदय का समय लिस्ट दिया गया है।
आज सूरज कब निकलेगा 20 जनवरी 2026 (pc: canva)
Aaj Suraj Kab Nikalega 20 January 2026 (सूरज निकलने का समय आज का): भारतीय संस्कृति में सूर्योदय को पवित्र माना गया है। सूर्य देव को ऊर्जा, जीवन और चेतना का स्रोत माना जाता है। वेदों में तो सूर्य को प्राण और आत्मा का प्रतीक कहा गया है। इस समय किया गया सूर्य नमस्कार, जप और ध्यान विशेष फलदायी होता है। सूर्योदय मन में शांति, आशा और नई शुरुआत की भावना उत्पन्न करता है। अगर आपको भी सूर्योदय के समय सूर्य देव को नमस्कार करने की आदत है या आप उदयातिथि में कोई शुभ कार्य करने वाले हैं, तो यहां से आज के सूर्योदय का समय जान सकते हैं। यहां आपको सूरज निकलने का समय बताया गया है।
आज 20 जनवरी 2026 को सूर्योदय का समय-
| शहर | सूर्य उदय का समय |
| दिल्ली | 7:14 AM |
| नोएडा | 07:13 – 07:14 AM |
| गुरुग्राम | 06:59 – 07:14 AM |
| गाज़ियाबाद | 07:13 AM |
| फरीदाबाद | 07:10 AM |
| लखनऊ | 06:50 – 07:00 AM |
| कानपुर | 06:55 – 07:05 AM |
| वाराणसी | 06:30 AM |
| आगरा | 07:00 AM |
| जयपुर | 07:10 AM |
| देहरादून | 07:14 AM |
| चंडीगढ़ | 07:10 – 07:20 AM |
| भोपाल | 07:00 – 07:10 AM |
| इंदौर | 07:00 AM |
| पटना | 06:30 – 06:40 AM |
| कोलकाता | 06:10 – 06:20 AM |
| भुवनेश्वर | 06:20 – 06:30 AM |
| रांची | 06:20 – 06:30 AM |
| मुंबई | 07:10 – 07:20 AM |
| पुणे | 07:00 AM |
| अहमदाबाद | 07:05 AM |
| सूरत | 07:00 AM |
| हैदराबाद | 06:45 – 06:55 AM |
| बेंगलुरु | 06:30 – 06:40 AM |
सूर्य नमस्कार के नियम-
सूर्य देव को नमस्कार करना हिंदू धर्म में एक दैनिक धार्मिक कर्तव्य माना गया है। सूर्योदय के समय नमस्कार करना सर्वश्रेष्ठ माना गया है, खासतौर से प्रातः ब्रह्म मुहूर्त से सूर्योदय तक का समय उत्तम होता है। नमस्कार करते समय पूर्व दिशा की ओर मुख होना चाहिए। दोनों हाथ जोड़कर (अंजलि मुद्रा में) सूर्य की ओर देखें। तांबे के लोटे में जल, लाल फूल, अक्षत मिलाकर अर्घ्य अर्पित करें। जल अर्पण करते समय जलधारा के बीच से सूर्य को देखें। ऊं सूर्याय नमः मंत्र का जाप करें। मंत्र जप के साथ सूर्यदेव के 12 नामों का स्मरण विशेष फलदायी माना गया है।