अध्यात्म

आज नवरात्रि का कौन सा दिन है, 22 मार्च 2026 को कौन सा नवरात्र है, आज कौन सी देवी की पूजा होगी, आज कौन सा रंग पहनें

आज नवरात्रि का कौन सा दिन है, 22 मार्च 2026 को कौन सा नवरात्र है (Chaitra Navratri Day Today): आज 22 मार्च 2026 को नवरात्रि का कौन सा दिन है और आज कौन सी मां के पूजन का किया जाता है। यहां से जानें आज कौन से नवरात्र का व्रत रखा जाएगा। नोट करें आज के नवरात्र की पूजन विधि, मंत्र, आरती और भोग की संपूर्ण जानकारी। जानें आज के नवरात्र का कलर क्या है। आज कौन सा रंग पहनना शुभ होता है।

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आज नवरात्रि का कौन सा दिन है

आज नवरात्रि का कौन सा दिन है, 22 मार्च 2026 को कौन सा नवरात्र है (Chaitra Navratri Day Today): चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व पूरे देश में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। आज चैत्र नवरात्रि का चौथा दिन हौ जो मां दुर्गा के चौथे स्वरूप माता कूष्मांडा को समर्पित होता है। मां कूष्मांडा को सृष्टि की रचयिता माना जाता है। मान्यता है कि जब चारों तरफ अंधकार था, तब मां ने अपनी हल्की सी मुस्कान से पूरे ब्रह्मांड की रचना की थी।

इन्हें ऊर्जा, शक्ति और प्रकाश का प्रतीक कहा जाता है। जो भी भक्त सच्चे मन से इनकी पूजा करता है, उसके जीवन से नकारात्मकता दूर होती है और नई ऊर्जा मिलती है। नवरात्रि के चौथे दिन उनकी पूजा करने से स्वास्थ्य, सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है। यहां से लें मां कूष्मांडा के पूजन की विधि, मंत्र और भोग से जुड़ी जानकारी। जानें आज कौन सा रंग पहनना चाहिए।

चौथे नवरात्र का ध्यान मंत्र मां कूष्मांडा का ध्यान करते समय

नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा में उनका ध्यान मंत्र मानसिक शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि प्रदान करता है। मां कूष्मांडा को अष्टभुजा (आठ भुजाओं वाली) देवी कहा जाता है। ध्यान के लिए प्रमुख मंत्र है।

वन्दे वांछित कामर्थे चन्द्रार्घकृत शेखराम्। सिंहरूढ़ा अष्टभुजा कूष्मांडा यशस्वनीम्॥

सुरासम्पूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च। दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे॥

चौथे नवरात्र की पूजा विधि

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें
  • घर के मंदिर को साफ करके दीपक जलाएं
  • मां कूष्मांडा की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें
  • फूल, धूप, दीप और अक्षत अर्पित करें
  • मां को भोग लगाएं (खासकर कद्दू से बनी चीजें)
  • दुर्गा चालीसा और मंत्रों का जाप करें
  • पूजा के अंत में आरती जरूर करें

मां कूष्मांडा का प्रिय रंग कौन सा है

हरा रंग खुशहाली, विकास और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। इस दिन हरे रंग के कपड़े पहनना शुभ होता है।

मां कूष्मांडा का प्रिय भोग

  • कद्दू (कूष्मांड) से बने व्यंजन
  • मालपुआ
  • मीठा प्रसाद

मान्यता है कि कद्दू का भोग लगाने से मां जल्दी प्रसन्न होती हैं।

मां कूष्मांडा की आरती (लिरिक्स)

कुष्मांडा जय जग सुखदानी।

मुझ पर दया करो महारानी ॥

पिंगला ज्वालामुखी निराली।

शाकंभरी मां भोली भाली ॥

लाखों नाम निराले तेरे।

भक्त कई मतवाले तेरे ॥

भीमा पर्वत पर है डेरा।

स्वीकारो प्रणाम ये मेरा ॥

सबकी सुनती हो जगदंबे।

सुख पहुंचाती हो मां अंबे ॥

तेरे दर्शन का मैं प्यासा।

पूर्ण कर दो मेरी आशा ॥

मां के मन में ममता भारी।

क्यों ना सुनेगी अरज हमारी ॥

तेरे दर पर किया है डेरा।

दूर करो मां संकट मेरा ॥

मेरे कारज पूरे कर दो।

मेरे तुम भंडारे भर दो ॥

नवरात्रि चौथे दिन की कथा

कहते हैं जब सृष्टि में हर तरफ अंधेरा ही अंधेरा था, तब मां कूष्मांडा ने अपनी एक हल्की सी मुस्कान से पूरे ब्रह्मांड की रचना कर दी। इसी वजह से उन्हें सृष्टि की रचयिता कहा जाता है। मां सूर्य के अंदर निवास करती हैं, इसलिए उनके पास अपार ऊर्जा और तेज होता है। जो भक्त सच्चे मन से उनकी पूजा करता है, उसके जीवन से अंधकार दूर हो जाता है और खुशियां आने लगती हैं।

prabhat sharma
प्रभात शर्माauthor

प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–परखने की क्षमता उनकी लेखन शैली को बेहद जीवंत और पाठकों से जोड़ने वाली बनाती है। वे ऑफबीट डेस्टिनेशन, लोकल कल्चर, हेरिटेज साइट्स, रोड ट्रिप्स, फूड जर्नी और बजट ट्रैवल जैसे विषयों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। प्रभात की स्टोरीज़ सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि यात्रा के माहौल, भाव और अनुभव को भी महसूस कराती हैं। अब तक 7,000 से अधिक कंटेंट लिख चुके प्रभात अपनी सहज भाषा, प्रामाणिक जानकारी और अनुभव-आधारित दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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