आज के दिन कौन सा व्रत है (14 दिसंबर को क्या है): आज षौष माह के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि है। इस कारण आज कोई भी खास त्योहार नहीं मनाया जा रहा है। हालांकि अगले दिन यानी 15 दिसंबर 2025 को सफला एकादशी व्रत रखा जाएगा।
यह एकादशी पौष माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को पड़ती है। इस एकादशी के दिन भगवान विष्णु का पूजन करने से जीवन में हर कार्यक्षेत्र के अंदर सफलता प्राप्त होती है।
कितने बजे से लगेगी एकादशी?
पौष माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 14 दिसंबर 2025 की शाम 6 बजकर 49 मिनट से लग जाएगी और इस तिथि का समापन 9 बजकर 19 मिनट पर होगा। ऐसे में व्रत 15 दिसंबर को ही रखा जाएगा।
कब होगा सफला एकादशी व्रत का पारण?
सफला एकादशी व्रत का पारण व्रत रखे जाने के दूसरे दिन यानी द्वादशी तिथि को किया जाता है। साल 2025 के दिसंबर महीने में सफला एकादशी व्रत का पारण 16 दिसंबर की सबुह 7 बजकर 7 मिनट से 9 बजकर 11 मिनट तक किया जाएगा। हालांकि द्वादशी तिथि 16 दिसंबर की रात 11 बजकर 57 मिनट तक रहने वाली है।
सफला एकादशी 2025 का महत्व
सफला एकादशी का महत्व स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने राजा युधिष्ठिर को बताया था। शास्त्रों के अनुसार यह एकादशी हर कार्य में सफलता दिलाने वाली मानी जाती है। इस दिन व्रत रखकर भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करने से लंबे समय से रुके हुए काम पूरे होने लगते हैं और असफलताओं से मुक्ति मिलती है।
मान्यता है कि सफला एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति अपने पूर्व जन्म और वर्तमान जीवन के पापों से मुक्त होता है। जो श्रद्धालु सच्चे मन से यह व्रत करता है, उसे जीवन में मान-सम्मान, सुख-समृद्धि और अंत में मोक्ष की प्राप्ति होती है। धर्मग्रंथों में इस व्रत के पुण्य फल की तुलना अश्वमेध यज्ञ के समान की गई है।
