अध्यात्म

आज कौन सी एकादशी है, आज की एकादशी की पूजा मुहूर्त और विधि, आज की एकादशी का शुभ मुहूर्त

Aaj Ki Ekadashi Puja Muhurat Aur Vidhi Hindi: आज पौष माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है। इसको सफला एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस एकादशी व्रत करने से व्यक्ति को सफलता मिलती है। इसके साथ ही इस दिन व्रत करने और कथा पढ़ने से हजार अश्वमेघ यज्ञ का फल मिलता है। आइए जानते हैं कि आज के दिन का पूजन मुहूर्त और पूजा विधि क्या है?

सफला एकादशी की पूजा विधि

सफला एकादशी की पूजा विधि

Aaj Ki Ekadashi Puja Muhurat Aur Vidhi Hindi: आज 15 दिसंबर 2025 दिन सोमवार है। हिंदू पंचांग के अनुसार, आज पौष मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है और यह सफला एकादशी का पावन पर्व है। सफला एकादशी भगवान विष्णु (भगवान अच्युत) को समर्पित है और इसका नाम ही बताता है कि यह व्रत जीवन के हर क्षेत्र में सफलता दिलाने वाला है।

इस दिन व्रत रखने से पाप नष्ट होते हैं, मनोकामनाएं पूरी होती हैं और भाग्योदय होता है। पुराणों के अनुसार, सफला एकादशी का व्रत करने से हजार अश्वमेघ यज्ञ का फल मिलता है। अगर आप आज व्रत रख रहे हैं तो शाम तक फलाहार करें और भगवान विष्णु की पूजा जरूर करें। आइए जानते हैं आज की सफला एकादशी का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व क्या है।

सफला एकादशी का महत्व

सफला एकादशी साल की 24 एकादशियों में विशेष स्थान रखती है। यह व्रत भक्तों के सभी कार्यों को सफल बनाने वाला माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की उपासना से जीवन में सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और सफलता की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि इस व्रत से पिछले जन्मों के पाप भी नष्ट हो जाते हैं और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है। आज का दिन स्नान-दान, पूजा और कथा श्रवण के लिए सबसे उत्तम है। जो लोग करियर, बिजनेस या किसी काम में रुकावट महसूस कर रहे हैं, उनके लिए यह व्रत चमत्कारिक फल देता है।

सफला एकादशी 2025 का शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, एकादशी तिथि 14 दिसंबर शाम 6:49 बजे शुरू होकर 15 दिसंबर रात 9:19 बजे तक रहेगी। उदया तिथि होने से व्रत आज 15 दिसंबर को रखा जा रहा है।

ब्रह्म मुहूर्त

सुबह 5:17 बजे से 6:12 बजे तक का समय ब्रह्मा मुहूर्त है। यह समय ध्यान, जप, योग और सुबह की पूजा के लिए सबसे उत्तम है। सफला एकादशी पर ब्रह्म मुहूर्त में विष्णु मंत्र जप करें तो फल कई गुना बढ़ जाता है।

प्रातः संध्या

सुबह 5:44 बजे से 7:06 बजे तक का समय प्रातः संध्या का है। यह सुबह स्नान, सूर्य अर्घ्य और व्रत संकल्प के लिए शुभ समय है।

अभिजीत मुहूर्त

दोपहर 11:56 बजे से 12:37 बजे तक का समय दिन का सबसे शुभ मुहूर्त है। पूजा, दान या कोई नया काम शुरू करने के लिए बेस्ट समय है।

विजय मुहूर्त

दोपहर 2:00 बजे से 2:41 बजे तक का समय सफलता और विजय दिलाने वाला समय है। महत्वपूर्ण निर्णय या पूजा के लिए अच्छा है।

गोधूलि मुहूर्त

शाम 5:24 बजे से 5:51 बजे तक का समय शाम की पूजा और दीपदान के लिए बहुत शुभ है।

सायाह्न संध्या

शाम 5:26 बजे से 6:48 बजे तक का समय संध्या पूजा, आरती और भजन के लिए उत्तम समय है।

अमृत काल

रात 4:15 बजे (16 दिसंबर) से सुबह 6:03 बजे (16 दिसंबर) तक रात्रि जागरण या मंत्र जप के लिए अमृत समान फलदायी समय है।

निशिता मुहूर्त

रात 11:49 बजे से 12:44 बजे (16 दिसंबर) तक रात्रि तंत्र पूजा और विशेष साधना के लिए शुभ है। व्रत पारण का मुहूर्त 16 दिसंबर सुबह 7:07 से 9:11 बजे तक है। पारण द्वादशी तिथि में ही करें।

सफला एकादशी पूजा विधि

सुबह जल्दी उठकर स्नान करें, स्वच्छ वस्त्र पहनें और व्रत का संकल्प लें। घर के पूजा स्थल में भगवान विष्णु या श्रीकृष्ण की मूर्ति स्थापित करें।

सफला एकादशी की पूजा इस प्रकार करें।

  • सबसे पहले गणेश जी की पूजा करें।
  • भगवान विष्णु को पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, गंगाजल) से स्नान कराएं।
  • पीले फूल, तुलसी पत्र, फल, नारियल, सुपारी, आंवला और लौंग चढ़ाएं।
  • धूप-दीप जलाएं और 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' या विष्णु सहस्रनाम का जप करें।
  • सफला एकादशी व्रत कथा पढ़ें या सुनें।
  • शाम को आरती करें और फलाहार का भोग लगाएं।
  • रात में जागरण करें या भजन गाएं। अगले दिन पारण से पहले जरूरतमंदों को भोजन कराएं और दान दें।

सफला एकादशी के नियम

  • व्रत कर रहे हैं तो अन्न ग्रहण न करें, फल, दूध, सूखे मेवे या फलाहार लें।
  • सत्य, अहिंसा और संयम का पालन करें।
  • क्रोध, झूठ और बुरे विचारों से दूर रहें।
  • अगर व्रत न भी रखें तो आज के दिन तामसिक भोजन (प्याज, लहसुन, मांस) से परहेज करें।
  • अन्न, फल या वस्त्र का दान करें।

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Mohit Tiwari
Mohit Tiwari author

मोहित तिवारी को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रतिष्ठित न्यूजपेपर में फील्ड रिपोर्टिंग से की थी। मोहित ... और देखें

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