Aaj Puja ka time kya hai (आज का पूजा मुहूर्त 6 अप्रैल 2026): सनातन परंपरा में दिन की शुरुआत पंचांग देखकर करने की परंपरा रही है। तिथि, नक्षत्र और शुभ मुहूर्त केवल धार्मिक आस्था ही नहीं, बल्कि जीवन की दिनचर्या को संतुलित करने का माध्यम भी माने जाते हैं। सोमवार का दिन विशेष रूप से भगवान शिव को समर्पित होता है, इसलिए आज के दिन शिव पूजन, जलाभिषेक और संध्या आराधना का महत्व और बढ़ जाता है। आइए जानते हैं आज का पूरा पूजा मुहूर्त, शिवजी को जल चढ़ाने का सही समय और प्रदोष काल की जानकारी।
आज की तिथि 6 अप्रैल 2026
आज 6 अप्रैल 2026, सोमवार है। पंचांग के अनुसार आज वैशाख मास, कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि दोपहर लगभग 2:10 बजे तक रहेगी, इसके बाद पंचमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। आज अनुराधा नक्षत्र का प्रभाव है और सिद्धि योग का संयोग दिन को शुभ बना रहा है। सूर्योदय लगभग सुबह 6:18 बजे और सूर्यास्त शाम 6:40 बजे के आसपास होगा। चंद्रमा वृश्चिक राशि में संचरण कर रहा है, जिससे ध्यान, साधना और शिव आराधना विशेष फलदायी मानी जाती है।
आज 6 अप्रैल का शुभ पूजा मुहूर्त
आज सिद्धि योग बनने से कई धार्मिक कार्यों के लिए दिन अनुकूल माना जा रहा है। पूजा-पाठ, मंत्र जाप, दान और आध्यात्मिक साधना के लिए पूरा दिन शुभ प्रभाव लिए हुए है। ध्यान रखें कि आज राहुकाल सुबह लगभग 7:50 बजे से 9:20 बजे तक रहेगा, इस समय नए शुभ कार्य शुरू करने से बचना चाहिए।
आज 6 अप्रैल को शिव जी को जल कब तक चढ़ा सकते हैं
सोमवार के दिन भगवान शिव का जलाभिषेक अत्यंत शुभ माना जाता है। आज चतुर्थी तिथि दोपहर 2:10 बजे तक है, इसलिए शिवजी को जल चढ़ाने का श्रेष्ठ समय सूर्योदय से लेकर दोपहर तक रहेगा। हालांकि शिव पूजा में समय की बाध्यता कम मानी जाती है, फिर भी धार्मिक मान्यता है कि प्रातः काल और प्रदोष काल का अभिषेक विशेष पुण्य देता है। सुबह स्नान के बाद बेलपत्र, दूध, जल और अक्षत से शिवलिंग का अभिषेक करने से मानसिक शांति और बाधाओं में कमी आती है।
जो लोग दिन में पूजा नहीं कर पाते, वे शाम को भी शिव आरती और जलाभिषेक कर सकते हैं, क्योंकि सोमवार की संध्या शिव कृपा प्राप्ति का श्रेष्ठ समय मानी जाती है।
आज 6 अप्रैल को प्रदोष काल कब रहेगा
प्रदोष काल भगवान शिव की संध्या आराधना का सबसे महत्वपूर्ण समय माना जाता है। सूर्यास्त के आसपास का यह काल शिव पूजा के लिए अत्यंत शुभ होता है।
आज सूर्यास्त लगभग 6:40 बजे है, इसलिए प्रदोष काल लगभग शाम 6:20 बजे से रात 8:40 बजे तक माना जा सकता है। इसी समय दीप जलाकर शिव आरती, महामृत्युंजय मंत्र या “ॐ नमः शिवाय” का जाप करने से विशेष आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होता है।
सोमवार की शिव आराधना क्यों मानी जाती है विशेष
धार्मिक मान्यता के अनुसार सोमवार चंद्रमा का दिन है और चंद्रमा भगवान शिव के मस्तक पर विराजमान हैं। इसलिए इस दिन शिव पूजा करने से मन की अशांति दूर होती है, आत्मविश्वास बढ़ता है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। विशेषज्ञ मानते हैं कि प्रदोष काल में की गई शिव उपासना कर्म दोष और मानसिक तनाव कम करने में सहायक होती है। पंचांग के अनुसार आज का दिन साधना, संकल्प और सकारात्मक शुरुआत के लिए अनुकूल है।
आज 6 अप्रैल के लिए सरल शिव पूजा उपाय
- सुबह शिवलिंग पर जल और बेलपत्र चढ़ाएं।
- शाम प्रदोष काल में दीपक जलाकर शिव चालीसा पढ़ें।
- कम से कम 108 बार “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें।
- जरूरतमंद को सफेद वस्तु या भोजन का दान करें।
इस तरह 6 अप्रैल 2026 को सोमवार का यह पावन संयोग भक्तों के लिए भगवान शिव की कृपा पाने का श्रेष्ठ अवसर है।
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