29 October Ka Panchang: पंचांग के माध्यम से आप जान सकते हैं कि आज का शुभ और अशुभ काल क्या है। किस समय पर कोई काम आरंभ करें। कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी सुबह 9:23 बजे तक रहेगी। आज नक्षत्र उत्तराषाढ़ा शाम 5 बजकर 29 मिनट तक रहेगा, फिर श्रवण नक्षत्र प्रभावी होगा। योग में धृति सुबह 7 बजकर 51 मिनट तक रहेगा, इसके बाद शूल योग शुरू होगा। करण में वणिज सुबह 9 बजकर 23 मिनट तक, फिर विष्टि करण शाम 9 बजकर 50 मिनट तक, इसके बाद बव करण रहेगा। पंचांग के माध्यम से आप दिन के शुभ और अशुभ काल का पता लगा सकते हैं।
सूर्योदय और चंद्रोदय का समय
सूर्य आज सुबह 6:31 बजे उदय होगा और शाम 5:38 बजे अस्त होगा। चंद्रमा दोपहर 1:04 बजे उदय होगा और रात 11:41 बजे अस्त होगा। दिन की अवधि 11 घंटे 7 मिनट 20 सेकंड रहेगी, जबकि रात की अवधि 12 घंटे 53 मिनट 21 सेकंड होगी। मध्याह्न दोपहर 12:05 बजे होगा।
तिथि, नक्षत्र, योग और करण
आज की तिथि कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी सुबह 9:23 बजे तक रहेगी, इसके बाद शुक्ल अष्टमी शुरू होगी। नक्षत्र उत्तराषाढ़ा शाम 5:29 बजे तक रहेगा, फिर श्रवण नक्षत्र प्रभावी होगा। उत्तराषाढ़ा का तीसरा पाद सुबह 11:07 बजे तक, चौथा पाद शाम 5:29 बजे तक, श्रवण का पहला पाद रात 11:49 बजे तक और दूसरा पाद सुबह 6:07 बजे, 30 अक्टूबर तक रहेगा। योग में धृति सुबह 7:51 बजे तक रहेगा, फिर शूल योग शुरू होगा। करण में वणिज सुबह 9:23 बजे तक, विष्टि शाम 9:50 बजे तक और इसके बाद बव करण दिन की समाप्ति तक रहेगा।
चंद्र मास, संवत और बृहस्पति संवत्सर
विक्रम संवत 2082 कालयुक्त, शक संवत 1947 विश्वावसु और गुजराती संवत 2082 पिंगल है। बृहस्पति संवत्सर कालयुक्त 25 अप्रैल 2025 को दोपहर 3:07 बजे तक रहेगा, फिर सिद्धार्थी शुरू होगा। चंद्र मास कार्तिक है, जो पूर्णिमांत और अमांत दोनों में गणना होता है। प्रविष्टे/गते 13 है।
राशि और नक्षत्र
चंद्र राशि मकर में पूरे दिन रहेगी। सूर्य राशि तुला में है और सूर्य स्वाती नक्षत्र के दूसरे पाद में है। उत्तराषाढ़ा और श्रवण नक्षत्र सकारात्मक ऊर्जा और कार्यों में सफलता देंगे।
ऋतु और अयन
ऋतु शरद (वैदिक) और हेमंत (द्रिक) है। अयन दक्षिणायन है। मौसम सुखद रहेगा, लेकिन रात में ठंडक बढ़ सकती है।
29 अक्टूबर का शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:48 बजे से 5:39 बजे तक, ध्यान और पूजा के लिए उत्तम।
- प्रातः संध्या: सुबह 5:14 बजे से 6:31 बजे तक, स्पिरिचुअल कार्यों के लिए शुभ।
- अभिजित मुहूर्त: कोई नहीं।
- विजय मुहूर्त: दोपहर 1:56 बजे से 2:40 बजे तक, नए काम शुरू करने के लिए अच्छा।
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:38 बजे से 6:04 बजे तक, पूजा और फैमिली टाइम के लिए शुभ।
- सायाह्न संध्या: शाम 5:38 बजे से 6:56 बजे तक, भक्ति कार्यों के लिए बेस्ट।
- अमृत काल: सुबह 10:38 बजे से दोपहर 12:21 बजे तक, शुभ कार्यों के लिए अनुकूल।
- निशिता मुहूर्त: रात 11:39 बजे से 12:31 बजे, 30 अक्टूबर तक, रात के पूजा के लिए अच्छा।
29 अक्टूबर का अशुभ समय
- राहुकाल: दोपहर 12:05 बजे से 1:28 बजे तक, बड़े फैसले या नए काम शुरू करने से बचें।
- यमगण्ड: सुबह 7:54 बजे से 9:18 बजे तक, जोखिम भरे कामों से बचें।
- गुलिक काल: सुबह 10:41 बजे से 12:05 बजे तक, सावधानी बरतें।
- आडल योग: सुबह 6:31 बजे से 11:07 बजे तक, अशुभ माना जाता है।
- दुर्मुहूर्त: सुबह 11:42 बजे से दोपहर 12:27 बजे तक और शाम 7:11 बजे से सुबह 6:32 बजे, 30 अक्टूबर तक, काम शुरू करने से बचें।
- भद्रा: सुबह 9:23 बजे से 9:50 बजे तक।
- वर्ज्य: रात 9:40 बजे से 11:20 बजे तक।
- बाण: अग्नि दोपहर 3:07 बजे तक।
आनंदादि और तमिल योग
आनंदादि योग में वज्र सुबह 11:07 बजे तक रहेगा, फिर मुद्गर शाम 7:11 बजे तक, फिर छत्र शुरू होगा। तमिल योग में मरण सुबह 11:07 बजे तक और शाम 7:11 बजे तक रहेगा, फिर सिद्ध शुरू होगा। जीवनम में अर्ध जीवन और नेत्रम में एक नेत्र रहेगा।
निवास और शूल
होमाहुति शुक्र को दी जाएगी। दिशा शूल उत्तर दिशा में है, इस दिशा में यात्रा से बचें। चंद्र वास दक्षिण में। अग्निवास सुबह 9:23 बजे तक पृथ्वी, फिर आकाश पर। राहु वास दक्षिण-पश्चिम में रहेगा। भद्रावास सुबह 9:23 बजे से शाम 9:50 बजे तक पाताल में। शिववास सुबह 9:23 बजे तक भोजन में, फिर श्मशान में। कुंभ चक्र दक्षिण में है, जो शुभ है।
