अध्यात्म

Aaj Ka Panchang 9 June 2024: पंचांग के जानिए शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय, यहां जानें कैसा होगा पूरा दिन

Aaj Ka Panchang 9 June 2024 (आज का पंचांग 9 जून 2024): ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन सूर्योदय सुबह 5 बजकर 26 मिनट पर होगा। वहीं सूर्यास्त का समय शाम के 7 बजकर 15 मिनट पर होगा। यहां पढ़ें पूरा पंचांग।

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Aaj Ka Panchang 9 June 2024

Aaj Ka Panchang 9 June 2024 (आज का पंचांग 9 जून 2024): पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि के दिन पुनर्वसु नक्षत्र रहेगा। आज के दिन अभिजीत-11:53 से 12:46 तक रहने वाला है। आज के दिन राहुकाल का समय सायंकाल 04:30 बजे से 06 बजे तक रहेगा। राहुकाल में कोई भी शुभ काम ना करें। दिशा शूल पश्चिम दिशा में रहेगा। इस दिशा में यात्रा करने से बचें। अब यहां जानें पूरा पंचांग।

Aaj Ka Panchang 9 June 2024 (आज का पंचांग 9 जून 2024)

संवत-पिङ्गला विक्रम संवत 2081

माह-ज्येष्ठ ,शुक्ल पक्ष

तिथि-चतुर्थी

व्रत-रविवार व्रत

दिन-रविवार

सूर्योदय-05:26am

सूर्यास्त-07:15 pm

नक्षत्र- पुनर्वसु

चन्द्र राशि- मिथुन स्वामी-बुध

सूर्य राशि- वृष ,स्वामी -शुक्र

करण- तैतिल

योग- विधि

शुभ मुहूर्त

1अभिजीत-11:53am से 12:46 pm

2विजय मुहूर्त-02:25pm से 03:25 pm तक

3गोधुली मुहूर्त--06:47 pm से 07:07 pm तक

4 ब्रम्ह मुहूर्त-4:15am से 05:09am तक

5अमृत काल-06:03am से 07;55 am तक

6निशिता मुहूर्त-रात्रि 11:52 से 12:45 तक रात्रि

संध्या पूजन-06:51pm से 07;49pm तक

दिशा शूल -पश्चिम दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं,यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

अशुभ मुहूर्त

राहुकाल सायंकाल 04:30 बजे से 06 बजे तक

क्या करें-भगवान भास्कर के निमित्त रविवार का साप्ताहिक व्रत रहें। सूर्योपासना उपासना करें। मन्दिर में प्रभु राम दरबार के विग्रह का दर्शन करें।सूर्य के द्रव्य गुड़ व साथ में जल के दान का बहुत महत्व है। उपवास फलाहार ही होगा। हनुमान जी को लड्डू का भोग लगाएं। भगवान के नाम का भी जप करें। ॐ नमः शिवाय महामंत्रका निरन्तर मानसिक जप करते रहें। धार्मिक सतसंग करें।किसी भी मंदिर परिसर में आम,बेल व पीपल का पेड़ लगाएं। आज गणेश उपासना का विशेष महत्व है। रोगों से मुक्ति के लिए हनुमान बाहूक का पाठ करें। शिव मंदिर में गंगा जल व मधु से रुद्राभिषेक भी करवा सकते हैं। गाय को गुड़ खिलाएं। विहंगों को दाना पानी दें। पिता का चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लें।

क्या न करें- पिता व बड़े भाई का निरादर मत करें।

Sujeet jee Maharaj
सुजीत जी महाराजauthor

सुजीत जी महाराज ज्योतिष और वास्तु विज्ञान एक्सपर्ट हैं जिन्हें 20 वर्षों का ज्योतिष, तंत्र विज्ञान का अनुभव हासिल हैं। 25000 से ऊपर लेख देश के कई बड़े पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं और कई बड़े पुरस्कार भी प्राप्त कर चुके हैं जिसमें ,एक अमेरिका के संस्था से भी प्राप्त है। यह गणित के साथ फलित ज्योतिष पर भी पकड़ रखते हैं और ज्योतिष के क्षेत्र में इन्हें कई सम्मान मिल चुके हैं।

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