9 July 2024 Panchang In Hindi (आज का पंचांग): पंचांग अनुसार आषाढ़ शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर पूरे दिन शुभ रवि योग रहेगा।राहुकाल दोपहर 03 बजे से शाम 04 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा नक्षत्र अश्लेषा और मघा रहेगा। अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 54 मिनट से दोपहर 12 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। अब जानिए आज का पूरा पंचांग।
9 जुलाई 2024 पंचांग
संवत---पिङ्गला विक्रम संवत 2081
माह-आषाढ़ ,शुक्ल पक्ष
तिथि--तृतीया 06:09am तक फिर चतुर्थी
व्रत- गुप्त नवरात्रि व्रत
दिवस-मंगलवार
सूर्योदय-05:21am
सूर्यास्त-07:23pm
नक्षत्र- आश्लेषा07:53am तक फिर मघा
चन्द्र राशि- कर्क,स्वामी -चन्द्रमा 07:53am तक फिर सिंह ,स्वामीग्रह-सूर्य
सूर्य राशि- मिथुन ,स्वामी -बुध
करण- गरज06:08am am तत्पश्चात वणिज
योग- सिद्ध
9 जुलाई शुभ मुहूर्त
अभिजीत-11:54am से 12:48 pm
विजय मुहूर्त-02:25pm से 03:26 pm तक
गोधुली मुहूर्त--06:34 pm से 07:07 pm तक
ब्रम्ह मुहूर्त-4:15am से 05:09am तक
अमृत काल-06:07am से 07;56am तक
निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:54 से 12:42 तक रात
संध्या पूजन-06:39 pm से 07:31pm तक
दिशा शूल ---उत्तर दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं, यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।
अशुभ मुहूर्त--राहुकाल -दोपहर 03 बजे से 04:30 बजे सायंकाल तक
क्या करें- आज गुप्त नवरात्रि चतुर्थी का पावन व्रत रहें।मन्दिर में भगवान शिव व माता दुर्गा जी की पूजा करें। शिवलिंग पर मधु, दही, गंगा जल व बेलपत्र अर्पित करें व उनकी उपासना करें। माता बंगलामुखी जगत माता हैं। वह कल्याण करती हैं। गुप्त नवरात्रि व्रत बहुत ही फलदायी है। धन व यश प्राप्ति के लिए माता दुर्गा जी की उपासना बहुत उत्तम है। आज अन्नदान का बहुत महत्व है। आज का उपवास निराजल , फलाहार या जैसा आपका स्वास्थ्य हो, वैसा ही होगा। काली मन्दिर में प्रसाद अर्पित करें। बंगलामुखी व प्रत्यंगिरा मंन्त्र व अनुष्ठान का आज बहुत महत्व है। माता पीतांबरा का दर्शन करें। किसी भी शिव मंदिर परिसर में पाकड़, आम , बेल व पीपल का पेड़ लगाएं। इस गर्मी में जल व मिठाई दान का भी बहुत महत्व है। शिवपुराण व दुर्गासप्तशती का पाठ करें। काली मन्दिर में भंडारा भी करवा सकते हैं। गो माता को पालक व गुड़ खिलाएं। चिड़ियों को दाना पानी दें। अन्न का दान करें। माता दुर्गा के 108 नाम के जप से कई जन्मों के पापों का शमन होता है। इस समय तांत्रिक पूजाओं का बहुत महत्व है। सप्तश्लोकी दुर्गा का मंत्रात्मक हवन करें।
क्या न करे-गुप्त नवरात्र में बाहर खान पान से बचें। व्रत रहें। यदि आप व्रत नहीं है तो भी घर पर ही शुद्ध सात्विक भोजन ग्रहण करें।
