Aaj Ka Pancahng: 07 नवंबर 2025 का पंचांग: 07 नवंबर 2025, शुक्रवार का दिन, हिंदू पंचांग के अनुसार अगहन मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि से शुरू होगा, जो सुबह 11 बजकर 5 मिनट तक रहेगी, इसके बाद तृतीया तिथि शुरू होगी। यह दिन मार्गशीर्ष मास का महत्वपूर्ण दिन है और आध्यात्मिक कार्यों के लिए शुभ है।
आज नक्षत्र रोहिणी 08 नवंबर सुबह 12 बजकर 33 मिनट तक रहेगा, फिर मृगशिरा नक्षत्र प्रभावी होगा। योग में परिघ रात 10 बजकर 28 मिनट तक रहेगा, इसके बाद शिव योग शुरू होगा। करण में गर सुबह 11 बजकर 5 मिनट तक, वणिज रात 9 बजकर 16 मिनट तक और इसके बाद विष्टि 08 नवंबर सुबह 6 बजकर 38 मिनट तक रहेगा। पंचांग के माध्यम से आप दिन के शुभ और अशुभ काल का पता लगा सकते हैं।
सूर्योदय और चंद्रोदय का समय
सूर्य आज सुबह 6 बजकर 37 मिनट पर उदय होगा और शाम 5 बजकर 32 मिनट पर अस्त होगा। चंद्रमा शाम 6 बजकर 55 मिनट पर उदय होगा और 08 नवंबर सुबह 8 बजकर 37 मिनट पर अस्त होगा। दिन की अवधि 10 घंटे 54 मिनट 13 सेकंड रहेगी, जबकि रात की अवधि 13 घंटे 06 मिनट 32 सेकंड होगी। मध्याह्न दोपहर 12 बजकर 5 मिनट पर होगा।
तिथि, नक्षत्र, योग और करण
आज की तिथि कृष्ण द्वितीया सुबह 11 बजकर 5 मिनट तक रहेगी, इसके बाद कृष्ण तृतीया शुरू होगी। नक्षत्र रोहिणी 08 नवंबर सुबह 12 बजकर 33 मिनट तक रहेगा, फिर मृगशिरा नक्षत्र लगेगा। रोहिणी का पहला पाद सुबह 8 बजकर 42 मिनट तक, दूसरा पाद दोपहर 1 बजकर 58 मिनट तक और तीसरा पाद शाम 7 बजकर 15 मिनट तक रहेगा। मृगशिरा नक्षत्र 08 नवंबर सुबह 5 बजकर 53 मिनट तक प्रभावी रहेगा। योग में परिघ रात 10 बजकर 28 मिनट तक रहेगा, फिर शिव योग शुरू होगा। करण में गर सुबह 11 बजकर 5 मिनट तक, वणिज रात 9 बजकर 16 मिनट तक और इसके बाद विष्टि 08 नवंबर सुबह 6 बजकर 38 मिनट तक रहेगा।
चंद्र मास, संवत और बृहस्पति संवत्सर
विक्रम संवत 2082 कालयुक्त, शक संवत 1947 विश्वावसु और गुजराती संवत 2082 पिंगल है। बृहस्पति संवत्सर कालयुक्त 25 अप्रैल 2025 को दोपहर 3 बजकर 7 मिनट तक रहेगा, फिर सिद्धार्थी शुरू होगा। चंद्र मास मार्गशीर्ष पूर्णिमांत में है, जबकि अमांत में कार्तिक है। प्रविष्टे/गते 22 है।
राशि और नक्षत्र
चंद्र राशि वृषभ में पूरे दिन रहेगी। सूर्य राशि तुला में है और सूर्य विशाखा नक्षत्र में पूरे दिन रहेगा। रोहिणी और मृगशिरा नक्षत्र स्थिरता और नई शुरुआत की ऊर्जा देंगे।
ऋतु और अयन
ऋतु शरद (वैदिक) और हेमंत (द्रिक) है। अयन दक्षिणायन है। मौसम ठंडा रहेगा, रात में ठंडक बढ़ सकती है।
07 नवंबर का शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:53 से 5:45 बजे तक (ध्यान और पूजा के लिए उत्तम)
- प्रातः संध्या: सुबह 5:19 से 6:37 बजे तक (स्पिरिचुअल कार्यों के लिए शुभ)
- अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:43 से दोपहर 12:26 बजे तक (महत्वपूर्ण कार्यों के लिए फेवरेबल)
- विजय मुहूर्त: दोपहर 1:54 से 2:37 बजे तक (नए काम शुरू करने के लिए अच्छा)
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:32 से 5:58 बजे तक (पूजा और फैमिली टाइम के लिए शुभ)
- सायाह्न संध्या: शाम 5:32 से 6:50 बजे तक (भक्ति कार्यों के लिए बेस्ट)
- निशिता मुहूर्त: रात 11:39 बजे से 08 नवंबर सुबह 12:31 बजे तक (रात के पूजा के लिए अच्छा)
- अमृत काल: रात 9:44 से 11:09 बजे तक (शुभ कार्यों के लिए अनुकूल)
07 नवंबर का अशुभ समय
- राहुकाल: सुबह 10:43 से दोपहर 12:05 बजे तक (बड़े फैसले या नए काम से बचें)
- यमगण्ड: दोपहर 2:48 से 4:10 बजे तक (जोखिम भरे कामों से बचें)
- गुलिक काल: सुबह 7:59 से 9:21 बजे तक (सावधानी बरतें)
- विडाल योग: सुबह 6:37 बजे से 08 नवंबर सुबह 12:33 बजे तक (सावधानी रखें)
- दुर्मुहूर्त: सुबह 8:48 से 9:32 बजे तक, 08 नवंबर सुबह 5:34 से 7:00 बजे तक और दोपहर 12:26 से 1:10 बजे तक (काम शुरू करने से बचें)
- वर्ज्य: शाम 5:31 से 6:56 बजे तक
- बाण: अग्नि दोपहर 2:56 बजे तक
- भद्रा: रात 9:16 बजे से 08 नवंबर सुबह 6:38 बजे तक
आनंदादि और तमिल योग
आनंदादि योग में मित्र 08 नवंबर सुबह 12 बजकर 33 मिनट तक रहेगा, फिर मानस शुरू होगा। तमिल योग में अमृत 08 नवंबर सुबह 12 बजकर 33 मिनट तक रहेगा, फिर अमृत शुरू होगा। जीवनम में पूर्ण जीवन और नेत्रम में दो नेत्र रहेगा।
निवास और शूल
होमाहुति मंगल को पूरे दिन दी जाएगी। दिशा शूल पश्चिम दिशा में है, इस दिशा में यात्रा से बचें। नक्षत्र शूल पश्चिम 08 नवंबर सुबह 12 बजकर 33 मिनट तक रहेगा। चंद्र वास दक्षिण में रहेगा। अग्निवास पृथ्वी सुबह 11 बजकर 5 मिनट तक, फिर आकाश पर रहेगा। राहु वास दक्षिण-पूर्व में रहेगा। भद्रावास स्वर्ग रात 9 बजकर 16 मिनट से पूर्ण रात्रि तक रहेगा। शिववास सभा में सुबह 11 बजकर 5 मिनट तक, फिर क्रीड़ा में रहेगा। कुंभ चक्र उत्तर में रहेगा।
