अध्यात्म

Aaj ka Panchang 6 June 2024: वट सावित्री व्रत के दिन क्या होगा पूजा का शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय, यहां जानें पूरा पंचांग

Aaj ka Panchang 6 June 2024: ज्येष्ठ अमावस्या के दिन सूर्योदय सुबह 5 बजकर 26 मिनट पर होगा। इस दिन रोहिणी नक्षत्र रहने वाला है। आइए जानें क्या होगा पूजा का शुभ मुहूर्त। यहां पढ़ें आज का पूरा पंचांग।

Image

Aaj ka Panchang 6 June 2024

Aaj ka Panchang 6 June 2024 (आज का पंचांग 6 जून 2024): वट सावित्री के दिन रोहिणी नक्षत्र रहेगा। इस दिन सूर्योदय सुबह 5 बजकर 26 मिनट पर होगा। इसी के साथ इस दिन अभिजीत मुहूर्त 11 बजकर 55 मिनट से लेकर 12 बजकर 44 मिनट तक रहेगा। इस दिन शनि जयंती और अमावस्या का भी व्रत रखा जाएगा। आज के दिन संध्या पूजन का समय 6 बजकर 51 मिनट से लेकर शाम के 7 बजे तक रहेगा। इस दिन राहुकाल का समय दोपहर 01:30 बजे से 03 बजे तक रहेगा। आज के दिन दक्षिण दिशा में यात्रा करने से बचें। यहां पढ़ें आज का पूरा पंचांग।

Aaj ka Panchang 6 June 2024 (आज का पंचांग 6 जून 2024)

संवत--पिङ्गला विक्रम संवत 2081

माह-ज्येष्ठ ,कृष्ण पक्ष

तिथि- अमावस्या

व्रत- अमावस्या व्रत

दिन- गुरुवार

सूर्योदय-05:26am

सूर्यास्त-07:15 pm

नक्षत्र- रोहिणी

चन्द्र राशि- वृष,स्वामी ग्रह-शुक्र

सूर्य राशि- वृष ,स्वामी -शुक्र

करण-चतुष्पद 07 am तक फिर नागव

योग-धृति 10:10pm तक फिर शूल

शुभ मुहूर्त

1अभिजीत-11:55am से 12:45 pm

2विजय मुहूर्त-02:26pm से 03:23 pm तक

3गोधुली मुहूर्त--06:44 pm से 07:09 pm तक

4 ब्रम्ह मुहूर्त-4:15am से 05:07am तक

5अमृत काल-06:02am से 07;56 am तक

6निशिता मुहूर्त-रात्रि 11:50 से 12:45 तक रात्रि

संध्या पूजन-06:51pm से 07;51pm तक

दिशा शूल -दक्षिण दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं,यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

अशुभ मुहूर्त

राहुकाल दोपहर 01:30 बजे से 03 बजे तक

क्या करें-गुरुवार का साप्ताहिक व्रत रहें। भगवान विष्णु जी की उपासना करें। मन्दिर में प्रभु के विग्रह का दर्शन करें। बृहस्पति के द्रव्य चने की दाल व फल के दान का बहुत महत्व है।उपवास अमावस्या का भी फलाहार ही होगा। भगवान के नाम का भी जप करें। ॐ हौं जूं स: महामंत्र का निरन्तर मानसिक जप करते रहें।धार्मिक सतसंग करें। किसी भी शिव मंदिर परिसर में पीपल,आम व बेल का पेड़ लगाएं। आज शक्ति उपासना का भी विशेष महत्व है। बटुक भैरो स्तोत्रम का पाठ करें। शिव मंदिर में रुद्राभिषेक कराएं। गाय को पालक व गुड़ खिलाएं। अमावस्या को पितृदोष के शमन के लिए त्रिपिंडी श्राद्ध पूजा भी करवा सकते हैं।

क्या न करें- अमावस्या के दिन किसी वैदिक पूजा के अनुष्ठान के संकल्प से बचें व प्रतिपदा में करें।

Sujeet jee Maharaj
सुजीत जी महाराजauthor

सुजीत जी महाराज ज्योतिष और वास्तु विज्ञान एक्सपर्ट हैं जिन्हें 20 वर्षों का ज्योतिष, तंत्र विज्ञान का अनुभव हासिल हैं। 25000 से ऊपर लेख देश के कई बड़े पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं और कई बड़े पुरस्कार भी प्राप्त कर चुके हैं जिसमें ,एक अमेरिका के संस्था से भी प्राप्त है। यह गणित के साथ फलित ज्योतिष पर भी पकड़ रखते हैं और ज्योतिष के क्षेत्र में इन्हें कई सम्मान मिल चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article