Aaj Ka Panchang 5 December 2024 (आज का पंचांग 5 दिसंबर 2024): मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन उत्तराषाढा नक्षत्र रहेगा। आज के दिन विनायक चतुर्थी का व्रत रखा जाएगा। इस दिन अभिजीत मुहूर्त 11 बजकर 56 मिनट से लेकर 12 बजकर 27 मिनट तक रहेगा। इस मुहूर्त में पूजा करना दोपहर 01:30 बजे से 03 तक रहेगा। राहुकाल में किसी भी तरह का कोई शुभ काम नहीं किया जाता है। आइए जानते हैं आज का पूरा पंचांग।
Aaj Ka Panchang 5 December 2024 (आज का पंचांग 5 दिसंबर 2024)
संवत-पिङ्गला विक्रम संवत 2081
माह-मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष,पर्व -श्री विष्णु जी के निमित्त व्रत
तिथि- चतुर्थी
दिवस -गुरुवार
सूर्योदय-06:53am
सूर्यास्त-05:27pm
नक्षत्र-उत्तराषाढा
चन्द्र राशि -मकर,स्वामी -शनि
सूर्य राशि-वृश्चिक,स्वामी=मङ्गल
करण-वणिज
योग- वृद्धि
शुभ मुहूर्त
1अभिजीत-11:53 am से 12:27 pm तक
2विजय मुहूर्त-02:22pm से 03:25pm तक
3गोधुली मुहूर्त--06:21pm से 07:24pm तक
4 ब्रम्ह मुहूर्त-4:06m से 05:07am तक
5अमृत काल-06:09am से 07:42am तक
6निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:43से 12:23तक रात
संध्या पूजन-06:21 pm से 07:06pm तक
दिशा शूल-दक्षिण दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं,यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।
अशुभ मुहूर्त
राहुकाल-दोपहर 01:30 बजे से 03 तकक्या करें-आज परम पवित्र शुभ मार्गशीर्ष माह शुक्ल पक्ष की चतुर्थी दिवस गुरुवार है। चतुर्थी श्री गणेश जी की उपासना तिथि होती है,विध्न नाशक विनायक जी की उपासना करें। गणपति जी संकट विनाशक हैं। आज शिवलिंग पर जलाभिषेक भी करें। ॐ नमः शिवाय मंत्र का जप करें। इस माह भगवान शिव की सगुण व निर्गुण दोनों उपासना अवश्य करें। गुरुवार व्रत बहुत ही पुण्यदायी है। इस दिन भगवान विष्णु जी की विधिवत उपासना होती है,भगवान विष्णु जी के नाम का जप करें। आज व्रत करने से कष्ट नष्ट होते हैं,पुण्य की प्राप्ति होती है । धार्मिक पुस्तकों का दान करें तथा अपने वजन के बराबर अन्न दान करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। यह उपवास फलाहारी होता है। आज गुरु के बीज मंत्र का जप समृद्धि देगा। इस मार्गशीर्ष माह में भगवान कृष्ण के नाम का जप व संकीर्तन करने से पाप नष्ट होते हैं व आपका प्रगति मार्ग प्रशस्त होता है तथा भगवान कृष्ण की भक्ति प्राप्त होती है। आज तुला दान की बहुत श्रेष्ठ तिथि है। श्री विष्णुसहस्रनाम का पाठ करें।
क्या न करें-किसी की निंदा मत करें।
