अध्यात्म

Aaj Ka Panchang 30 May 2024: ज्येष्ठ महीने अष्टमी तिथि पर पूजा का शुभ मुहूर्त क्या होगा, यहां जानें पूरा पंचांग

Aaj Ka Panchang 30 May 2024 (आज का पंचांग 30 मई 2024): ज्येष्ठ महीने की अष्टमी तिथि पर कालाष्टमी का व्रत रखा जाएगा। इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 11 बजकर 55 मिनट से लेकर 12 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। यहां जानें पूरा पंचांग।

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Aaj Ka Panchang

Aaj Ka Panchang 30 May 2024 (आज का पंचांग 30 मई 2024): ज्येष्ठ मास की कालाष्टमी के दिन अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 55 मिनट से लेकर 12 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। इस मुहूर्त में पूजा करना बहुत ही शुभ माना जाता है। आज के दिन सुबह 7 बजकर 32 मिनट तक धनिष्ठा नक्षत्र रहने वाला है। सूर्य और शुक्र वृषभ राशि में विराजमान रहेंगे। आज के दिन राहुकाल का समय दोपहर 01:30 बजे से 03 बजे तक रहेगा। आइए यहां जानें आज का पूरा पंचांग।

Aaj Ka Panchang 30 May 2024 (आज का पंचांग 30 मई 2024)

संवत-पिङ्गला विक्रम संवत 2081

माह-ज्येष्ठ ,कृष्ण पक्ष

तिथि- सप्तमी

दिन-गुरुवार

व्रत- कालाष्टमी

सूर्योदय-05:27am

सूर्यास्त-06:53 pm

नक्षत्र- धनिष्ठा 07:32am फिर शतभिषा

चन्द्र राशि- कुम्भ,स्वामी-शनि

सूर्य राशि- वृष ,स्वामी -शुक्र

करण-बव 11:44am तक फिर बालव

योग- वैधृति 08:53pm तक फिर विष्कुम्भ

शुभ मुहूर्त

1अभिजीत-11:55am से 12:45 pm

2विजय मुहूर्त-02:25pm से 03:25 pm तक

3गोधुली मुहूर्त--06:43 pm से 07:07 pm तक

4 ब्रम्ह मुहूर्त-4:13am से 05:05am तक

5अमृत काल-06:05am से 07;55 am तक

6निशिता मुहूर्त-रात्रि 11:53 से 12:47 तक रात्रि

संध्या पूजन-06:50pm से 07;53pm तक

दिशा शूल -साउथ दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं,यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

अशुभ मुहूर्त

राहुकाल -दोपहर 01:30 बजे से 03 बजे तक

क्या करें- माता काली जी व भैरो जी की उपासना करें। मन्दिर में शिवलिंग को कुशोदक अर्पित करें। गुरु के द्रव्य चने की दाल के दान का बहुत महत्व है। व्रत रहें।उपवास फलाहार होगा। गुरु व सूर्य के बीज मंत्र का भी जप करें। ॐ नमो भगवते वासुदेवाय महामंत्र का निरन्तर मानसिक जप करते रहें।धार्मिक सतसंग करें।किसी भी मंदिर परिसर में बेल ,आम व पीपल का पेड़ लगाएं। आज माता दुर्गा जी की उपासना का भी विशेष महत्व है। सिद्धिकुंजिकास्तोत्र का 18 बार पाठ करें।

क्या न करें-माता,पिता व गुरु की बातों की अवहेलना मत करें।

Sujeet jee Maharaj
सुजीत जी महाराजauthor

सुजीत जी महाराज ज्योतिष और वास्तु विज्ञान एक्सपर्ट हैं जिन्हें 20 वर्षों का ज्योतिष, तंत्र विज्ञान का अनुभव हासिल हैं। 25000 से ऊपर लेख देश के कई बड़े पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं और कई बड़े पुरस्कार भी प्राप्त कर चुके हैं जिसमें ,एक अमेरिका के संस्था से भी प्राप्त है। यह गणित के साथ फलित ज्योतिष पर भी पकड़ रखते हैं और ज्योतिष के क्षेत्र में इन्हें कई सम्मान मिल चुके हैं।

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