Aaj Ka Panchang (2 अगस्त 2025): आज का पंचांग ज्योतिषियों के लिए पूरे दिन की दिशा निर्धारित करने वाला है। आज अष्टमी तिथि, विशाखा पूर्ण रात्रि तक नक्षत्र एवं शुक्ल पूर्ण रात्रि तक योग है। ये संयोजन आध्यात्मिक साधना, पूजन, व्रत आदि के लिए श्रेष्ठ माने जाते हैं। शनिवार को शनि देव की पूजा का विशेष महत्व होता है।
आज कौन सा व्रत है
आज शनिवार का व्रत है और इसमें शनिदेव की पूजा की जाती है।सूर्य-चंद्र की स्थिति:
सूर्य की स्थिति – 05:42:40 से 19:11:40 तक, चंद्रमा – तुला - 23:53:25 तक राशि, चंद्रोदय – 13:28:00, चंद्रास्त – 24:02:00।
संवत्सर:
शक – 1947, विक्रम – 2082, काली – 5126। मास - श्रावण (पूर्णिमांत) व श्रावण (अमांत), ऋतु – वर्षा।
✅ शुभ समय:
- अभिजीत-11:59 am से 12:54 pm तक
- विजय-02:22pm से03:26 pm तक
- गोधूलि-07:25 pm से 07;41pm तक
- ब्रम्हमुहूर्त-04:12am से 05;07 am तक
- निशीथ काल- 05:42pm से 07:22 pm तक
- संध्या पूजा-06:26 pm से 07:08 pm तक
🛑 अशुभ मुहूर्त:
राहु काल व यमगण्ड काल में शुभ कार्य न करें।
- राहु काल: 09:04:55 से 10:46:02 तक
- यमगण्ड: 10:30am से 12:25 pm तक
- गुलिक काल;-07;20pm से 08;52 pmतक
दिशाशूल- पश्चिम
🌌 चंद्रबल व ताराबल:
मेष, वृषभ, सिंह, तुला, धनु, मकर को चंद्रबल प्राप्त है। भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद, रेवती जैसे नक्षत्र ताराबल से युक्त हैं।
