अध्यात्म

Aaj Ka Panchang 16 May 2024 In Hindi: आज है वैशाख मास की नवमी तिथि, जानें शुभ और अशुभ मुहूर्त

Aaj Ka Panchang 16 May 2024(आज का पंचांग): वैशाख मास की शुक्ल पक्ष नवमी तिथि के दिन सीता नवमी का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन सूर्योदय सुबह 05:48 पर होगा। यहां जानें आज के दिन का शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय।

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Aaj Ka Panchang

Aaj Ka Panchang 16 May 2024(आज का पंचांग): आज के दिन सुबह 6 बजकर 23 मिनट के बाद वैशाख मास की शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि शुरू हो जाएगी। ऐसे में आज के दिन सीता नवमी का त्योहार मनाया जाएगा। आज के दिन मघा नक्षत्र है। आज के दिन अभिजीत-11:53 से लेकर 12:47 तक रहने वाला है। अभिजीत मुहूर्त में पूजा करना शुभ माना जाता है। आज के दिन दक्षिण दिशा में दिशा शूल है। इस दिशा में यात्रा करने से बचें। यहां जानें आज का पूरा पंचांग।

Aaj Ka Panchang 16 May 2024(आज का पंचांग16 मई 2024)

संवत---पिङ्गला विक्रम संवत 2081

माह-वैशाख ,शुक्ल पक्ष

तिथि-अष्टमी 06:23am तक फिर नवमी

दिन-गुरुवार

व्रत- गुरुवार व्रत।

सूर्योदय-05:48am

सूर्यास्त-06:55 pm

नक्षत्र- मघा 06:15pm तक फिर पूर्वाफाल्गुनी

चन्द्र राशि-सिंह,स्वामी-सूर्य

सूर्य राशि- वृष

करण- बव 06:22am तक फिर बालव

योग- ध्रुव 08:23am तक फिर व्याघात

शुभ मुहूर्त

1 अभिजीत-11:53am से 12:47 pm

2 विजय मुहूर्त-02:24pm से 03:27 pm तक

3 गोधुली मुहूर्त--06:44 pm से 07:07 pm तक

4 ब्रम्ह मुहूर्त-4:10am से 05:03am तक

5 अमृत काल-06:02am से 07;56 am तक

6 निशिता मुहूर्त-रात्रि 11:54 से 12:44 तक

संध्या पूजन-06:52pm से 07;50pm तक

दिशा शूल -साउथ दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं,यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

अशुभ मुहूर्त--राहुकाल -दोपहर 01:30 बजे से सायंकाल 03 बजे तक

क्या करें-भगवान विष्णु जी की उपासना करें। मन्दिर में भगवान की पूजा अर्चना करें। अन्न व वस्त्र दान का बहुत महत्व है। भगवान श्री हरि के निमित्त व्रत रहें। उपवास फलाहार होगा। गुरु के बीज मंत्र का जप करें। ॐ नमो भगवते वासुदेवाय महामंत्र का निरन्तर मानसिक जप करते रहें। धार्मिक सतसंग करें। किसी भी मंदिर परिसर में आम, बेल व पीपल का पेड़ लगाएं। आज श्री कृष्ण पूजा का विशेष महत्व है। भगवान श्री कृष्ण जी के भजन व नाम का संकीर्तन करें।

क्या न करें- पर निंदा से पुण्य समाप्त होता है। किसी की भी निन्दा करने से बचें।

Sujeet jee Maharaj
सुजीत जी महाराज author

सुजीत जी महाराज ज्योतिष और वास्तु विज्ञान एक्सपर्ट हैं जिन्हें 20 वर्षों का ज्योतिष, तंत्र विज्ञान का अनुभव हासिल हैं। 25000 से ऊपर लेख देश के कई बड़... और देखें

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