अध्यात्म

Aaj Ka Panchang 15 February 2025: पंचांग से जानिए आज के शुभ मुहूर्त, राहुकाल, अभिजीत मुहूर्त, दिशा शूल और उपाय

Aaj Ka Panchang 15 February 2025: आज परम पवित्र माघ फाल्गुन तिथि की तृतीया तिथि है। आज शनिवार है। हनुमान जी के निमित्त व्रत रहें। हनुमान जी के साथ शिव जी की उपासना करें। यह व्रत बहुत ही पुण्यदायी होता है। श्री सुंदरकांड का पाठ करें। फलों व तिल का दान करें। हनुमान जी की मन से उपासना करें। पढ़ें पूरा पंचांग।

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Aaj Ka Panchang 15 February 2025

Aaj Ka Panchang 15 February 2025: आज हनुमान बाहुक के पाठ से सभी कष्ट दूर होते हैं। बजरंगी जी के 32 नाम का मानसिक जप करें। दान पुण्य करें। लाल वस्त्र व धन का दान बहुत ही पुण्यदायी होता है, इससे कष्ट समाप्त व धन आगमन तथा शुभता का आगमन होता है, पुण्य की प्राप्ति होती है। पार्थिव का शिवलिंग बनाकर रूद्राभिषेक करें। परिवार के सभी सदस्य एकसाथ बैठकर सुंदरकांड का पाठ करें। हनुमान चालीसा का 07 पाठ करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।पीपल को जल दें व उनकी 07 परिक्रमा करें। पढ़ें आज का पूरा पंचांग।

आज का पंचांग 15 फरवरी 2025

संवत---पिंगला विक्रम संवत 2081

माह-फाल्गुन,कृष्ण पक्ष,तृतीया

पर्व-परम पुण्यदायी फाल्गुन तृतीया,शनिवार व्रत

दिवस -शनिवार

सूर्योदय-07:03am

सूर्यास्त-6:08pm

नक्षत्र- उत्तराभाद्रपद

चन्द्र राशि - कन्या,स्वामी ग्रह -बुध

सूर्य राशि- कुम्भ,स्वामी ग्रह-शनि

करण- गर

योग- सुकर्मा

आज के शुभ मुहूर्त

अभिजीत-12:13pm से 12:58 pm तक

विजय मुहूर्त-02:25pm से 03:26pm तक

गोधुली मुहूर्त--06:25pm से 07:21pm तक

ब्रम्ह मुहूर्त-4:03m से 05:05am तक

अमृत काल-06:07am से 07:42am तक

निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:41से 12:22तक रात

संध्या पूजन-06:22 pm से 07:08pm तक

दिशा शूल-पूर्व दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं, यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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