Aaj Ka Panchang 14 April 2025: हर माह की सूर्य संक्रांति का नियमित व्रत रहें। आज सूर्य व चन्द्रमा के बीज मंत्र का जप करें। सात अन्न का दान करना बहुत फलित होता है। किसी भी शिव मन्दिर परिसर में नीम, महुआ, बेल, बरगद , आम, पाकड़ व पीपल का पेड़ लगाएं। अपने घर के मंदिर में अखण्ड दीप जलाइए। श्री आदित्यह्र्दय स्तोत्र का 03 बार पाठ बहुत फ़लदायी है। मन का सात्विक होना बहुत आवश्यक है। मन्दिर में कीर्तन कराएं।सूर्य उपासना व्यक्ति को निर्भय बनाती है। पार्थिव का शिवलिंग बनाकर उनका रुद्राभिषेक करें। शिवपुराण का पाठ भी कर सकते हैं। उदित सूर्य को जल अर्पित करें। गायत्री मंत्र का जप करें। मेष संक्रांति को भगवान सूर्य को प्रसन्न करने के लिए गायत्री मंत्र व श्री आदित्यह्र्दयस्तोत्र का पाठ उदित सूर्य के समक्ष करें।
आज का पंचांग 14 अप्रैल 2025
संवत---पिङ्गला विक्रम संवत 2081
माह-वैशाख
तिथि - द्वितीया, कृष्ण पक्ष
पर्व-सोमवार व्रत,मेष संक्रांति
दिवस -सोमवार
सूर्योदय-06:01am
सूर्यास्त-6:45pm
नक्षत- स्वाती
चन्द्र राशि - तुला,स्वामी-शुक्र
सूर्य राशि- आज सूर्य मङ्गल की राशि मेष में प्रवेश करेंगे।
करण-- कौलव
योग- वज्र
आज के शुभ मुहूर्त 14 अप्रैल 2025
अभिजीत-11:57 am से 12:48 pm तक
विजय मुहूर्त-02:23pm से 03:26pm तक
गोधुली मुहूर्त--06:22pm से 07:22pm तक
ब्रम्ह मुहूर्त-4:03m से 05:09am तक
अमृत काल-06:03am से 07:44am तक
निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:43से 12:25तक रात
संध्या पूजन-06:30pm से 07:05pm तक
दिशा शूल- पूर्व दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं, यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।
अशुभ मुहूर्त--राहुकाल-प्रातःकाल 07:30 बजे से 09 बजे तक
