अध्यात्म

Panchang in Hindi: सूर्य का बदलेगा नक्षत्र, जानें कितनी देर का होगा शुभ मुहूर्त, कितने बजे करें संध्या पूजन

Aaj ka Panchang 11 May 2025 (11 मई का पंचांग): आज के दिन सूर्य अपनी राशि में नक्षत्र का बदलाव करेंगे। रविवार को सूर्य का दिन माना जाता है। सुबह सूर्य देव को जल दें। ये वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। यहां नोट करें रविवार का शुभ मुहूर्त, संध्या पूजन का समय और कब लगेगा राहु काल।

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Aaj ka Panchang 11 May 2025 (11 मई का पंचांग)

Aaj ka Panchang 11 May 2025 (11 मई का पंचांग): आज परम पवित्र चतुर्दशी दिवस रविवार बहुत पुण्यदायी है। सूर्योपासना करें। आज के दिन सूर्य अपना नक्षत्र बदल रहे हैं। ये उनकी राशि मेष में होगा। ये बदलाव कई लोगों के लिए हितकर है। श्री आदित्यह्र्दय स्तोत्र का तीन बार पाठ करें। गर्मी में गुड़ ,जल सहित थर्मस या घड़ा व सप्त अन्न का दान करना बहुत फलित होता है। रविवार को ये दान शुभ फलित होते हैं। मन का निर्मल व सात्विक होना बहुत ही आवश्यक है।

Aaj ka Panchang 11 May 2025 (11 मई का पंचांग)

संवत- विक्रम संवत 2082

  • माह- वैशाख, शुक्ल पक्ष
  • तिथि- चतुर्दशी 08:03pm तक फिर पूर्णिमा
  • पर्व- चतुर्दशी व्रत
  • दिवस - रविवार
  • सूर्योदय- 05:33am
  • सूर्यास्त-7:01pm
  • नक्षत्र- स्वाती
  • चन्द्र राशि - तुला
  • स्वामी ग्रह - शुक्र
  • सूर्य राशि- मेष
  • करण- गरज 06:47am तक तत्पश्चात वणिज
  • योग- व्यतिपात

11 मई का शुभ मुहूर्त

  • अभिजीत- 11:51 am से 12:45 pm तक
  • विजय मुहूर्त-02:21pm से 03:25pm तक
  • गोधुली मुहूर्त--06:23pm से 07:22pm तक
  • ब्रह्म मुहूर्त- 4:05m से 05:06am तक
  • अमृत काल-06:02am से 07:42am तक
  • निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:41से 12:21तक रात
  • संध्या पूजन-06:21pm से 07:09pm तक

दिशा शूल- पश्चिम दिशा।इस दिशा में यात्रा से बचें।दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं। यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

अशुभ मुहूर्त- राहुकाल- सायंकाल 04:30बजे से 06 बजे तक

क्या करें- घर की छत पर विहंगों को दाना-पानी दें। गाय को पालक खिलाएं। गौ शाला जाएं, वहां गौ माता को रोटी,गुड़,चारा ,पालक इत्यादि खिलाने से अखण्ड पुण्य की प्राप्ति होती है। ब्रह्म मुहूर्त में गायत्री मंत्र का जप करें। रविवार व्रत रहकर रात्रि में फलाहार करें। पिता का चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लें। सूर्य को जल दें। सूर्य के बीज मंत्र का जप करें।

क्या न करें- पिता व बड़े भाई के किसी भी आदेश की अवहेलना मत करें।

Sujeet jee Maharaj
सुजीत जी महाराजauthor

सुजीत जी महाराज ज्योतिष और वास्तु विज्ञान एक्सपर्ट हैं जिन्हें 20 वर्षों का ज्योतिष, तंत्र विज्ञान का अनुभव हासिल हैं। 25000 से ऊपर लेख देश के कई बड़े पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं और कई बड़े पुरस्कार भी प्राप्त कर चुके हैं जिसमें ,एक अमेरिका के संस्था से भी प्राप्त है। यह गणित के साथ फलित ज्योतिष पर भी पकड़ रखते हैं और ज्योतिष के क्षेत्र में इन्हें कई सम्मान मिल चुके हैं।

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