अध्यात्म

Aaj Ka Panchang : मार्च का पहला प्रदोष व्रत आज, पंचांग से जानिए किस समय पर करें पूजा-पाठ और प्रदोष काल का क्या रहेगा समय

Aaj Ka Panchang (आज का पंचांग) 1 March 2026: आज 1 मार्च 2026 दिन रविवार है। इस कारण आज रवि प्रदोष व्रत रखा जा रहा है। आज के दिन तीन शुभ योग भी बन रहे हैं। इनमें सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ ही रवि और रवि पुष्य योग बन रहा है। पंचांग के माध्यम से हम दिन का शुभ काल जानकर यह पता लगा सकते हैं कि किस समय पर कोई शुभ कार्य करें। आइए जानते हैं कि आज का पंचांग क्या कहता है?

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1 मार्च 2026 का पंचांग

Aaj Ka Panchang (आज का पंचांग) 1 March 2026: 1 मार्च 2026, रविवार का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि सायंकाल तक रहेगी और इसके पश्चात चतुर्दशी तिथि प्रारंभ होगी। आज रवि प्रदोष व्रत भी रखा जाएगा। चंद्रमा कर्क राशि में रहेंगे। इसके साथ ही आज के दिन तीन शुभ योग बन रहे हैं। इनमें रवि योग, रवि पुष्य योग और सर्वार्थ सिद्धि योग आज उपस्थित रहेंगे। आइए जानते हैं कि आज 1 मार्च के दिन का शुभ और अशुभ काल क्या रहेगा?

सूर्योदय एवं चन्द्रोदय

1 मार्च को सूर्य का उदय सुबह 06:46 बजे और सूर्यास्त शाम 06:21 बजे होगा। चंद्रमा का उदय शाम 04:16 बजे और चन्द्रास्त 2 मार्च की सुबह 06:00 बजे होगा।

आज का पंचांग

आज शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि शाम 07:09 बजे तक रहेगी। इसके बाद चतुर्दशी तिथि प्रारंभ होगी। आज रवि प्रदोष व्रत मनाया जाएगा, जो भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष फलदायी माना जाता है। नक्षत्र के अनुसार पुष्य नक्षत्र सुबह 08:34 बजे तक रहेगा, इसके बाद अश्लेषा नक्षत्र प्रारंभ होगा। योग की बात करें तो शोभन योग दोपहर 02:33 बजे तक रहेगा, इसके बाद अतिगण्ड योग प्रभावी होगा।

करण के अनुसार कौलव करण सुबह 07:54 बजे तक रहेगा। इसके बाद तैतिल करण शाम 07:09 बजे तक रहेगा। तत्पश्चात गर करण 2 मार्च की सुबह 06:29 बजे तक प्रभावी रहेगा और फिर वणिज करण प्रारंभ होगा।

वार एवं पक्ष

आज रविवार है और शुक्ल पक्ष चल रहा है।

चन्द्र मास, सम्वत एवं संवत्सर

आज विक्रम सम्वत 2082 कालयुक्त, शक सम्वत 1947 विश्वावसु और गुजराती सम्वत 2082 पिंगल मान्य रहेगा। चन्द्र मास फाल्गुन (पूर्णिमांत एवं अमांत) रहेगा। बृहस्पति संवत्सर कालयुक्त 25 अप्रैल 2025 को दोपहर 03:07 बजे तक प्रभावी रहेगा, इसके बाद सिद्धार्थी संवत्सर प्रारंभ होगा। प्रविष्टे या गते 17 रहेगा।

राशि तथा नक्षत्र

चंद्रमा कर्क राशि में रहेंगे। पुष्य नक्षत्र का चतुर्थ चरण सुबह 08:34 बजे तक रहेगा। इसके बाद अश्लेषा नक्षत्र का प्रथम चरण दोपहर 02:21 बजे तक, द्वितीय चरण रात 08:10 बजे तक, तृतीय चरण 2 मार्च को रात्रि 02:00 बजे तक तथा चतुर्थ चरण उसके बाद रहेगा।

सूर्य कुम्भ राशि में स्थित हैं और शतभिषा नक्षत्र के तृतीय चरण में शाम 05:11 बजे तक रहेंगे, इसके बाद शतभिषा के चतुर्थ चरण में प्रवेश करेंगे।

ऋतु तथा अयन

द्रिक गणना के अनुसार वसंत ऋतु तथा वैदिक गणना के अनुसार शिशिर ऋतु का प्रभाव रहेगा। उत्तरायण जारी रहेगा। दिनमान 11 घंटे 34 मिनट 22 सेकंड और रात्रिमान 12 घंटे 24 मिनट 35 सेकंड रहेगा। मध्याह्न काल दोपहर 12:34 बजे रहेगा।

1 मार्च के दिन का शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05:07 बजे से 05:57 बजे तक

प्रातः सन्ध्या: सुबह 05:32 बजे से 06:46 बजे तक

अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:10 बजे से 12:57 बजे तक

विजय मुहूर्त: दोपहर 02:29 बजे से 03:16 बजे तक

गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:18 बजे से 06:43 बजे तक

सायाह्न सन्ध्या: शाम 06:21 बजे से 07:35 बजे तक

अमृत काल: 2 मार्च की सुबह 06:18 बजे से 07:51 बजे तक

निशिता मुहूर्त: 2 मार्च की रात्रि 12:08 बजे से 12:58 बजे तक

रवि पुष्य योग: सुबह 06:46 बजे से 08:34 बजे तक

सर्वार्थ सिद्धि योग: सुबह 06:46 बजे से 08:34 बजे तक

रवि योग: सुबह 08:34 बजे से 2 मार्च की सुबह 06:45 बजे तक

प्रदोष काल समय: शाम 06 बजकर 21 मिनट से रात 08 बजकर 50 मिनट तक

1 मार्च के दिन का अशुभ समय

राहुकाल: शाम 04:54 बजे से 06:21 बजे तक

यमगण्ड: दोपहर 12:34 बजे से 02:00 बजे तक

गुलिक काल: दोपहर 03:27 बजे से 04:54 बजे तक

विडाल योग: सुबह 08:34 बजे से 2 मार्च की सुबह 06:45 बजे तक

वर्ज्य: रात 08:59 बजे से 10:32 बजे तक

दुर्मुहूर्त: शाम 04:48 बजे से 05:35 बजे तक

गण्ड मूल: सुबह 08:34 बजे से 2 मार्च की सुबह 06:45 बजे तक

बाण के अनुसार 2 मार्च को रात्रि 01:10 बजे से पूर्ण रात्रि तक रोग बाण प्रभावी रहेगा।

आनन्दादि एवं तमिल योग

आज आनन्दादि योग में श्रीवत्स योग सुबह 08:34 बजे तक रहेगा, इसके बाद वज्र योग प्रभावी होगा। तमिल योग में सिद्ध योग सुबह 08:34 बजे तक रहेगा, इसके बाद मरण योग रहेगा। जीवनम पूर्ण जीवन रहेगा और नेत्रम दो नेत्र रहेगा।

निवास और शूल

आज होमाहुति सुबह 08:34 बजे तक शनि को समर्पित रहेगी, इसके बाद चन्द्र को मानी जाएगी। दिशा शूल पश्चिम दिशा में रहेगा। अग्निवास पृथ्वी पर रहेगा। चन्द्र वास उत्तर दिशा में रहेगा। राहु वास उत्तर दिशा में रहेगा। शिववास शाम 07:09 बजे तक नन्दी पर रहेगा, इसके बाद भोजन में माना जाएगा। कुम्भ चक्र पश्चिम दिशा में शुभ प्रभाव प्रदान करेगा।

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी पंचांग और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। यह केवल सामान्य सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।

Mohit Tiwari
मोहित तिवारीauthor

मोहित तिवारी को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रतिष्ठित न्यूजपेपर में फील्ड रिपोर्टिंग से की थी। मोहित ने प्रिंट, टीवी और डिजिटल तीनों प्लेटफॉर्म पर काम किया है। देश-विदेश, लाइफस्टाइल, धर्म और आध्यात्मिक विषयों में गहरी रुचि रखने वाले मोहित ने ज्योतिष का भी व्यापक अध्ययन किया है। मोहित के आलेख लाइफस्टाइल, हेल्थ, न्यूज, धर्म, ज्योतिष आदि विषयों पर गहरी शोध और प्रामाणिकता पर आधारित होते हैं और इन विषयों पर वह 12,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं।

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