रमजान का मुकद्दस महीना अब अपने सबसे अहम और बरकत वाले अंतिम दिनों में पहुंच चुका है। इन दिनों रोजेदार सिर्फ भूखे-प्यासे रहने तक सीमित नहीं रहते, बल्कि इबादत, सब्र, दुआ और आत्मचिंतन के जरिए अल्लाह के और करीब होने की कोशिश करते हैं। आज 17 मार्च 2026 को रमजान का 27 वां रोजा रखा जा रहा है, जिसे खास माना जाता है। इसके 2 दिन बाद ईद का चांद देखा जाएगा, जिसके बाद देश-दुनिया में ईद का त्योहार मनाया जाएगा। जानें देश के अलग-अलग प्रमुख शहरों में इफ्तार का समय।
आज 17 मार्च 2026 का इफ्तार टाइम (प्रमुख शहर)
| शहर | इफ्तार का टाइम |
| दिल्ली-एनसीआर | शाम 6:33 बजे |
| जयपुर | शाम 6:39 बजे |
| लखनऊ | शाम 6:20 बजे |
| कानपुर | शाम 6:22 बजे |
| भोपाल | शाम 6:40 बजे |
| कोलकाता | शाम 5:51 बजे |
| पटना | शाम 6:02 बजे |
| हैदराबाद | शाम 6:32 बजे |
| चेन्नई | शाम 6:26 बजे |
| बेंगलुरु | शाम 6:36 बजे |
| मुंबई | शाम 6:53 बजे |
| अहमदाबाद | शाम 6:52 बजे |
| चंडीगढ़ | शाम 6:35 बजे |
| श्रीनगर | शाम 6:38 बजे |
| गुवाहाटी | शाम 5:32 बजे |
यह लेख केवल आपकी सामान्य जानकारी के लिए है। लेख में दिए गए समय अनुमानित हैं और शहर के अनुसार कुछ मिनट का अंतर हो सकता है। अपने शहर में इफ्तार का सटीक टाइम जानने के लिए स्थानीय मस्जिद या इस्लामिक कैलेंडर जरूर देखें।
रमजान के आखिरी दिनों की अहमियत
रमजान के अंतिम दस दिन सबसे ज्यादा बरकत वाले माने जाते हैं। खासकर 27वां रोजा इसलिए महत्वपूर्ण होता है क्योंकि इसी दौरान लैलतुल कद्र की रात आने की उम्मीद होती है, जिसे हजार महीनों से बेहतर बताया गया है। इसी वजह से इन दिनों में लोग ज्यादा नमाज पढ़ते हैं, कुरान की तिलावत करते हैं और जरूरतमंदों की मदद कर सवाब कमाने की कोशिश करते हैं।
रोजा खोलने की इस्लामिक परंपरा क्या है
इस्लाम में रोजा खोलने की परंपरा बेहद सादगी और सुन्नत पर आधारित है। जैसे ही सूर्यास्त होता है और मगरिब की अजान की आवाज गूंजती है, रोजेदार अपना रोजा खोलते हैं। पैगंबर हजरत मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) की सुन्नत के अनुसार इफ्तार खजूर और पानी से करना सबसे अफजल माना गया है। यह न सिर्फ स्वास्थ्य के लिए अच्छा है, बल्कि आध्यात्मिक रूप से भी महत्व रखता है। इफ्तार के बाद सबसे पहले मगरिब की नमाज अदा की जाती है, और फिर परिवार के साथ बैठकर सुकून से इफ्तार किया जाता है।
