अध्यात्म

आज का इफ्तार का टाइम (16 March 2026): आज की इफ्तारी का समय क्या है, आज रोजा कब खुलेगा

आज का इफ्तार का टाइम क्या है (Aaj ka iftar ka Time kya hai) 16 March 2026, aaj roja kab kholna hai (Aaj Roja Iftar Kitne Baje hai): रमजान का मुकद्दस महीना अब अपने आखिरी दौर में पहुंच रहा है और इन दिनों रोजेदार ज्यादा से ज्यादा इबादत और सब्र के साथ रोजा रख रहे हैं। आज 16 मार्च 2026 को रमजान का 26वां रोजा रखा जा रहा है। ऐसे में रोजेदारों के लिए यह जानना जरूरी हो जाता है कि उनके शहर में आज रोजा किस समय खुलेगा और इफ्तार का सही वक्त क्या रहेगा। जानिए देश के अलग-अलग प्रमुख शहरों में इफ्तार का समय क्या है।

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आज 16 मार्च 2026 को इफ्तार का टाइम (PC-ai)

आज का इफ्तार का टाइम क्या है (Aaj ka iftar ka Time kya hai) 16 March 2026, aaj roja kab kholna hai (Aaj Roja Iftar Kitne Baje hai): रमजान का पवित्र महीना अपने आखिरी दिनों की ओर बढ़ रहा है और इन दिनों में इबादत, दुआ और आत्मचिंतन का महत्व और भी बढ़ जाता है। आज 16 मार्च 2026 को रमजान का 26वां रोजा रखा जा रहा है। रोजेदार पूरे दिन सब्र के साथ रोजा रखने के बाद सूर्यास्त के समय इफ्तार करते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि आज दिल्ली-एनसीआर समेत देश के अलग-अलग शहरों में इफ्तार का समय क्या रहेगा और रोजा कब खुलेगा।

इफ्तार का समय क्यों माना जाता है खास

रमजान में इफ्तार का वक्त सिर्फ रोजा खोलने का समय नहीं होता, बल्कि यह आध्यात्मिक रूप से भी बेहद अहम माना जाता है। पूरे दिन रोजा रखने के बाद जब सूरज ढलता है और मगरिब की अजान होती है, तब रोजेदार अल्लाह का शुक्र अदा करते हुए इफ्तार करते हैं। माना जाता है कि इफ्तार के समय की गई दुआएं खास तौर पर कबूल होती हैं, इसलिए इस पल को बहुत बरकत वाला समय माना जाता है।

आज 16 मार्च 2026 को इफ्तार का समय - Aaj ka iftar ka Time

शाम 6:32 बजे
शहर शाम इफ्तार का समय (अनुमानित)
दिल्ली

नोएडा शाम 6:32 बजेगाजियाबाद शाम 6:32 बजेगुरुग्राम शाम 6:33 बजेफरीदाबादशाम 6:32 बजजयपुर शाम 6:38 PMलखनऊ शाम 6:19 PMकानपुर शाम 6:21 PMभोपालशाम 6:39 PMपटना शाम 6:01 PMकोलकाता शाम 5:50 PMहैदराबाद शाम 6:31 PMचेन्नई शाम 6:25 PMबेंगलुरु शाम 6:35 PMमुंबई शाम 6:52 PMअहमदाबाद शाम 6:51 PMसूरत शाम 6:50 PMचंडीगढ़ शाम 6:34 PMश्रीनगर शाम 6:37 PMनोट: स्थानीय मस्जिदों के अनुसार समय में एक-दो मिनट का अंतर हो सकता है, इसलिए कई लोग थोड़ी एहतियात के साथ रोजा खोलते हैं।

इफ्तार से पहले दुआ और शुक्र का पल

इफ्तार से ठीक पहले का समय बहुत खास माना जाता है। रोजेदार इस समय अल्लाह से अपने गुनाहों की माफी मांगते हैं और अपने परिवार व दुनिया की भलाई के लिए दुआ करते हैं। मगरिब की अजान होते ही रोजा आमतौर पर खजूर और पानी से खोला जाता है, क्योंकि यह पैगंबर हजरत मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) की सुन्नत मानी जाती है।

रमजान के आखिरी दिनों की आध्यात्मिक अहमियत

रमजान के अंतिम दिनों में इबादत का महत्व और भी बढ़ जाता है। इन दिनों में मुसलमान ज्यादा नमाज पढ़ते हैं, कुरआन की तिलावत करते हैं और अल्लाह की रहमत की उम्मीद में दुआ करते हैं। मान्यता है कि इन्हीं दिनों में आने वाली लैलतुल कद्र की रात हजार महीनों से बेहतर होती है। इसलिए रोजेदार इन दिनों में ज्यादा से ज्यादा इबादत और नेक काम करने की कोशिश करते हैं।

Vineet
विनीत author

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विष... और देखें

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