आज 06 जनवरी 2026 को क्या है, आज कौन सा व्रत है, आज कौन सी तिथि है, जानें साल के पहले मंगलवार को क्या पड़ेगा
- Authored by: मेधा चावला
- Updated Jan 6, 2026, 05:22 AM IST
Aaj 06 January 2026 ko kya hai (आज 6 जनवरी को कौन सा व्रत है): बहुत से लोग यह जानना चाह रहे हैं कि आज 06 जनवरी 2026 को क्या है, आज कौन सा व्रत रखा जा रहा है और आज का मंगलवार क्यों विशेष है। यहां आप आज की तारीख और तिथि के बारे में विस्तार से जानकारी ले सकते हैं।
आज 06 जनवरी 2026 को कौन सा व्रत है (Pic: Canva)
Aaj 06 January 2026 ko kya hai (आज 6 जनवरी को कौन सा व्रत है): आज यानी 06 जनवरी 2026 को नए साल का पहला मंगलवार है। इसी के साथ आज सुबह 8 बजे तक माघ मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि रहेगी और फिर उसके बाद चतुर्थी तिथि लग जाएगी। आज का चांद माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि का रहेगा, इस वजह से आज सकट चतुर्थी और संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाएगा। इस तरह आज का दिन भगवान गणेश और हनुमान जी की एक साथ कृपा दिलाने वाला है। आगे देखें इस तिथि का संयोग और शुभ मुहूर्त।
आज 06 जनवरी 2026 (मंगलवार) का पंचांग और तिथि
आज 6 जनवरी 2026 दिनांक है और मंगलवार का वार है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार आज माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि रहेगी। यह तिथि आज सुबह लगभग 08:01 बजे से शुरू हो रही है। चतुर्थी तिथि का समापन 7 जनवरी 2026 को सुबह लगभग 06:52 बजे पर होगा। इससे पहले आज तृतीया तिथि 06 जनवरी की सुबह तक रहेगी।
आज 06 जनवरी 2026 को कौन सा व्रत है
आज का प्रमुख व्रत सकट चौथ व्रत (जिसे वक्रतुंड/लंबोदर संकष्टी चतुर्थी भी कहा जाता है) रहेगा। यह व्रत भगवान गणेश को समर्पित है और इस दिन सकट माता की पूजा भी होती है। सकट चौथ का व्रत खासकर बच्चों की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि एवं संकटों से मुक्ति की कामना के लिए किया जाता है। इस दिन माताएं व्रत रखकर शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद व्रत खोलती हैं।
आज 6 जनवरी 2026 को साल के पहले मंगलवार का विशेष महत्व
06 जनवरी 2026 मंगलवार साल का पहला मंगलवार है। इस दिन किये गए यज्ञ, पूजा-पाठ और हनुमान चालीसा, सुंदरकांड आदि का पूरी वर्ष तक फलदायी प्रभाव माना जाता है। मंगलवार को विशेष रूप से हनुमान जी की पूजा का भी धार्मिक महत्व होता है, जिससे दिन और अधिक शुभ बन जाता है।
इस तरह आज 06 जनवरी 2026 का दिन धार्मिक महत्व का है और सकट चौथ व्रत के साथ ही गणेश जी और हनुमान जी की कृपा प्राप्ति कराने वाला भी है।