अध्यात्म

Sakat Chauth 2026: क्या सकट चौथ पर बाल धो सकते हैं, क्या पानी पी सकते हैं, सकट चौथ पर क्या करें- क्या नहीं

Sakat Chauth Vrat 2026 Kab hai (क्या सकट चौथ पर बाल धो सकते हैं): सकट चौथ का व्रत माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को रखा जाता है। यह व्रत संतान की लंबी आयु और परिवार की सुख समृद्धि के लिए रखते हैं। यहां जानें सकट चौथ के नियम, सकट चौथ व्रत में क्या पानी पी सकते हैं, सकट चौथ पर बाल धो सकते हैं या नहीं, सकट चौथ पर क्या करें और क्या नहीं। देखें सकट चौथ पर क्या करते हैं।

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क्या सकट चौथ पर बाल धो सकते हैं, जानें नियम

Sakat Chauth Vrat 2026 Kab hai (क्या सकट चौथ पर बाल धो सकते हैं): सकट चौथ का व्रत माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है। यह व्रत विशेष रूप से संतान की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए किया जाता है। उत्तर भारत में यह व्रत संकष्टी चौथ, सकट चौथ और तिल चौथ के नाम से प्रसिद्ध है। वर्ष 2026 में सकट चौथ का व्रत मंगलवार, 6 जनवरी को रखा जाएगा। इसी दिन साल का पहला मंगलवार भी है जिससे इस व्रत का महत्व और बढ़ जाता है। यहां देखें कि सकट चौथ पर क्या करें और क्या नहीं। क्या हैं सकट चौथ व्रत के नियम।

क्या सकट चौथ पर बाल धो सकते हैं

सकट चौथ के व्रत में ऐसे तो शास्त्रों में सकट चौथ पर बाल धोने की कोई स्पष्ट मनाही नहीं है, लेकिन लोक परंपराओं में व्रत करने वाली महिलाएं इस दिन बाल धोने से परहेज करती हैं। मान्यता है कि बाल धोने से व्रत की तपस्या में कमी आती है। हालांकि कई जगहों पर सकट चौथ पर तिल के पानी से बाल धोने और स्नान करने की मान्यता भी है।

क्या सकट चौथ पर पानी पी सकते हैं?

शास्त्रों में सकट चौथ पर पानी पीने की स्पष्ट मनाही नहीं बताई गई है। परंपरा के अनुसार, कई महिलाएं यह व्रत निर्जल रखती हैं यानी चंद्र दर्शन तक पानी भी नहीं पीतीं। वहीं कुछ स्थानों पर महिलाएं जल ग्रहण कर सकती हैं, लेकिन अन्न ग्रहण नहीं करती हैं। यदि स्वास्थ्य कारणों (कमजोरी, दवा, गर्भावस्था आदि) से आवश्यकता हो, तो पानी पीना दोषपूर्ण नहीं माना जाता।

सकट चौथ व्रत के नियम

  • ब्रह्म मुहूर्त में स्नान कर व्रत का संकल्प लें
  • दिनभर निर्जल या फलाहार व्रत रखें
  • तिल, गुड़, मूंगफली और चावल से बने प्रसाद का विशेष महत्व
  • चंद्रमा को अर्घ्य देकर ही व्रत का पारण करें
  • पूजा में भगवान गणेश और माता सकट का ध्यान करें

सकट चौथ पर क्या करें

  • गणेश जी को तिल के लड्डू या मोदक अर्पित करें
  • चंद्र दर्शन कर दूध, जल और तिल से अर्घ्य दें
  • संतान की लंबी आयु के लिए कथा अवश्य सुनें या पढ़ें
  • मन, वचन और कर्म से संयम रखें

सकट चौथ पर क्या न करें

  • बिना चंद्र दर्शन के व्रत न तोड़ें
  • तामसिक भोजन और नकारात्मक विचारों से दूर रहें
  • झूठ, क्रोध और विवाद से बचें
  • परंपरा के अनुसार बाल धोने और भारी श्रृंगार से परहेज करें

सकट चौथ का धार्मिक महत्व

मान्यता है कि इस दिन माता सकट (षष्ठी देवी) और भगवान गणेश की पूजा करने से संतान से जुड़े कष्ट दूर होते हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, माता सकट ने भगवान गणेश को मृत्यु के मुख से बचाया था, इसलिए इस व्रत को संतान रक्षा से जोड़ा जाता है। महिलाएं यह व्रत संतान के कल्याण और परिवार की रक्षा के लिए पूरे श्रद्धा भाव से करती हैं।

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मेधा चावला
मेधा चावला author

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वा... और देखें

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