Death Signs: गरुड़ पुराण को हिंदू धर्म के पौराणिक व प्राचीन 18 महापुराणों में से एक माना जाता है। इसमें कर्म, पुनर्जन्म, जीवन, मोक्ष, मृत्यु और यमलोक की यात्रा आदि से जुड़े विभिन्न राज खोले गए हैं। यहां तक कि उन संकेतों के बारे में भी बताया गया है, जो व्यक्ति को तब महसूस होते हैं जब उसकी मृत्यु नजदीक होती है। आज यहां पर आप उन्हीं 5 संकेतों के बारे में जानेंगे, जो मृत्यु से ठीक 1 दिन यानी 24 घंटे पहले व्यक्ति को महसूस होने लगते हैं।
बॉडी का लाल पड़ना
गरुड़ पुराण में बताया गया है कि मृत्यु से ठीक 24 घंटे पहले व्यक्ति की बॉडी का रंग हल्का लाल होने लगता है। साथ ही शरीर पर छोटे-छोटे लाल निशान होने लगते हैं, जिनमें दर्द या जलन नहीं होती है।
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परछाई का न दिखना
जब व्यक्ति की मौत करीब होती है तो उसकी परछाई दिखनी बंद हो जाती है। व्यक्ति खुद अपनी परछाई को देख नहीं पाता है, जो दर्शाता है कि जल्द ही मृत्यु के देवता यमराज उसे लेने आने वाले हैं।
पितरों का दिखाई देना
दिवंगत पूर्वज यानी माता-पिता, दादा-दादी और परदादा आदि को पितर कहा जाता है, जिनका दिखना कोई साधारण बात नहीं है। गरुड़ पुराण के अनुसार, जब किसी व्यक्ति की मृत्यु नजदीक होती है तो उसे अपने पितर दिखाई देने लगते हैं। बार-बार ऐसा अहसास होता है कि वो आपको बुला रहे हैं। वो चाहते हैं कि आप उनके साथ जाएं।
बुरे कर्मों का अहसास होना
जीवन में कभी न कभी हर व्यक्ति से कोई न कोई गलती होती ही है। जहां कुछ लोग सही समय पर अपने बुरे कर्मों का प्रायश्चित कर लेते हैं। वहीं, कई लोग जीवन के अंत तक अपने बुरे कर्मों की माफी नहीं मांगते हैं। हालांकि, गरुड़ पुराण में बताया गया है कि जब व्यक्ति की मौत नजदीक होती है तो उसे अपने बुरे कर्मों का अहसास होने लगता है। व्यक्ति को अपनी गलतियां याद आने लगती हैं और उनका पछतावा भी होता है।
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यमराज का दिखाई देना
यमराज को हिंदू पौराणिक शास्त्रों में मृत्यु और न्याय का देवता माना गया है, जो व्यक्ति की आत्मा को धरती से लेकर जाते हैं। गरुड़ पुराण की मानें तो जब व्यक्ति की मौत नजदीक होती है तो उसे बार-बार यमराज दिखाई देता है। साथ ही ऐसा लगता है कि यमराज उसे लेकर अपने साथ कहीं जा रहा है।
डिस्क्लेमर: यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।
