29 June 2024 Panchang (आज का पंचांग): शनिवार में आषाढ़ कृष्ण पक्ष की अष्टमी और नवमी तिथि रहेगी। नक्षत्र उत्तराभाद्रपद और रेवती रहेगा। चंद्र राशि मीन और सूर्य राशि मिथुन रहेगी। योग शोभन रहेगा। अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 54 मिनट से दोपहर 12 बजकर 44 मिनट तक रहेगा। राहुकाल प्रातःकाल 09 बजे से 10:30 बजे तक रहेगा। अब जानिए आज का पूरा पंचांग।
शनि वक्री 2024 समय (Shani Vakri 2024 Time)
शनि 29 जून की देर रात 12 बजकर 35 मिनट से 15 नवंबर 2024 की शाम 7 बजकर 51 मिनट तक वक्री अवस्था में रहेंगे।
29 जून 2024का पंचांग (29 June 2024 Panchang)
संवत---पिङ्गला विक्रम संवत 2081
माह-आषाढ़ ,कृष्ण पक्ष
तिथि- अष्टमी 02:20pm तक फिर नवमी
व्रत-नवमी व्रत
दिन-शनिवार
सूर्योदय-05:24am
सूर्यास्त-07:23pm
नक्षत्र- उत्तराभाद्रपद08:59am तक पुनः रेवती
चन्द्र राशि- मीन स्वामी- गुरु
सूर्य राशि- मिथुन ,स्वामी -बुध
करण-कौलव02:21pm तक फिर तैतिल
योग- शोभन 06:54pm तक फिर अतिगण्ड
29 जून के शुभ मुहूर्त (29 June 2024 Shubh Muhurat)
अभिजीत-11:54am से 12:44 pm
विजय मुहूर्त-02:25pm से 03:26 pm तक
गोधुली मुहूर्त--06:38 pm से 07:09 pm तक
ब्रम्ह मुहूर्त-4:11am से 05:09am तक
अमृत काल-06:07am से 07:56am तक
निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:52 से 12:43 तक रात्रि
संध्या पूजन-06:52 pm से 07:44pm तक
दिशा शूल -पूर्व दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं, यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।
अशुभ मुहूर्त--राहुकाल -प्रातःकाल 09 बजे से 10:30 बजे तक
क्या करें-हनुमान जी के निमित्त शनिवार का व्रत रहें।शनि देव जी की पूजा करें। लड्डू गोपाल जी को तुलसी दल व लड्डू अर्पित करें व उनकी उपासना करें। मन्दिर में हनुमान जी का दर्शन करें,आज व्रत बहुत ही फलदायी है। धार्मिक पुस्तकों सहित तिल के दान का बहुत महत्व है। उपवास फलाहार या जैसा आपका स्वास्थ्य हो, वैसा ही होगा। मन्दिर में प्रसाद अर्पित करें। हनुमान जी के 12 नाम का निरन्तर मानसिक जप करते रहें। धार्मिक सतसंग करें।किसी भी मंदिर परिसर में पीपल व शमी का पेड़ लगाएं। गर्मी में जल व मिठाई दान का भी बहुत महत्व है। हनुमान बाहुक का पाठ करें। मन्दिर में भंडारा भी करवा सकते हैं। गो माता को पालक व गुड़ खिलाएं। चिड़ियों को दाना पानी दें।नीले वस्त्र का दान करें। उपासना मन से करें व शनि के बीज मंन्त्र का जप करें। स्वास्थ्य सुख में वृद्धि के लिए सप्तअन्न का दान करें। मन्दिर में हनुमान को फल व लड्डू का भोग लगाकर प्रसाद ग्रहण करें।तिल व गंगा जल को शिवलिंग पर अर्पित करें। पीपल की उपासना करें।
क्या न करें- -शनि न्याय का कारक ग्रह है। किसी के साथ अन्याय मत करें।
