अध्यात्म

26 October 2024 Panchang: पंचांग से जानिए आज की तिथि, शुभ मुहूर्त, राहुकाल, अभिजीत मुहूर्त और शुभ योग

26 October 2024 Panchang: पंचांग अनुसार इस दिन कार्तिक कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि रहेगी। नक्षत्र आश्लेषा 09:47 am तक फिर मघा रहेगा। जानिए राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त क्या रहेगा।

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26 October 2024 Panchang

26 October 2024 Panchang: आज चंद्र देव अपनी स्वराशि कर्क में सुबह 09:44 बजे तक रहेंगे। इसके बाद सिंह राशि में प्रवेश कर जायेंगे। अभिजीत मुहूर्त 11:56 am से 12:39 pm तक रहेगा। ये मुहूर्त कोई भी शुभ काम को करने के लिए उत्तम माना जाता है। गोधुली मुहूर्त शाम 06:21 से 07:24 बजे तक रहेगा। जानिए 26 अक्टूबर का पूरा पंचांग।

26 अक्टूबर 2024 पंचांग (26 October 2024 Panchang)

संवत---पिङ्गला विक्रम संवत 2081

माह-कार्तिक ,कृष्ण पक्ष

तिथि- दशमी,व्रत-शनिवार व्रत,

दिन- शनिवार

सूर्योदय-06:25am

सूर्यास्त-05:58 pm

नक्षत्र-- आश्लेषा 09:47 am तक, फिर मघा

चन्द्र राशि -- कर्क,स्वामी-चन्द्रमा 09:44 am तक फिर सिंह,स्वामी ग्रह -सूर्य

सूर्य राशि- तुला,स्वामी ग्रह-शुक्र

करण- वणिज04:21pm तक फिर विष्टि

योग- शुक्ल

26 अक्टूबर 2024 शुभ मुहूर्त (26 October 2024 Shubh Muhurat)

अभिजीत-11:56 am से 12:39 pm तक।

विजय मुहूर्त-02:20pm से 03:24 pm तक

गोधुली मुहूर्त--06:21pm से 07:24 pm तक

ब्रम्ह मुहूर्त-4:09m से 05:07am तक

अमृत काल-06:05am से 07;42am तक

निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:43से 12:20तक रात

संध्या पूजन-06:24 pm से 07:09pm तक

दिशा शूल - पूर्व दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं, यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

अशुभ मुहूर्त--राहुकाल--प्रातःकाल 09 बजे से 10:30 तक

क्या करें-क्या ना करें- आज कार्तिक माह दशमी है। शनिवार के दिन हनुमान जी के पूजा हेतु सुंदर व्रत करें। शनि उपासना भी की जाती है। शनि को प्रसन्न करने के लिए श्री कृष्ण उपासना करें। कृष्ण पूर्ण ब्रम्ह हैं। वह पालनहार हैं। उनके आशीर्वाद के लिए लोग व्रत रहेंगे। फलाहार व्रत व विष्णु पूजा भी की जाती है। शनिवार व्रत करने से जन्म जन्मांतर के पाप नष्ट होते हैं तथा उम्र लंबी होती है। मनोवांछित सफलता की प्राप्ति व आर्थिक उन्नति के लिए सुंदरकांड का पाठ करें। हनुमान चालीसा का 07 बार पाठ करें। आज तिल का दान करें। छाया दान शारीरिक कष्ट को समाप्त करता है। किसी के साथ अन्याय मत करें।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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