25 September 2024 Panchang (25 सितंबर 2024 पंचांग): 25 सितंबर 2024 आश्विन मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि है। इस दिन जितिया का व्रत भी रखा जाएगा। आज के दिन अभिजीत मुहूर्त नहीं होगा। आज के दिन अष्टमी तिथि 12 बजकर 10 मिनट तक है रहने वाला है। आज के दिन राहुकाल का समय दोपहर 12 बजे से 01:30 बजे तक रहेगा। राहुकाल में शुभ काम नहीं करना चाहिए। अब आइए जानें आज का पूरा पंचांग।
जितिया पूजा मुहूर्त 2024 (Jitiya Puja Muhurat 2024)
हिंदू पंचांग के अनुसार इस साल जितिया का व्रत 25 सितंबर 2024 को रखा जाएगा। इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 04 बजकर 43 मिनट से शाम 06 बजकर 13 मिनट तक रहेगा।
25 September 2024 Panchang (25 सितंबर 2024 पंचांग)
संवत--पिङ्गला विक्रम संवत 2081माह-आश्विन ,कृष्ण पक्ष
तिथि-अष्टमी व्रत- पितृ पक्ष श्राद्ध अष्टमी ,अष्टमी व्रत
दिवस-बुधवार
सूर्योदय-06:13am
सूर्यास्त-06:15pm
नक्षत्र-आद्रा
चन्द्र राशि -मिथुन,स्वामी ग्रह -बुध
सूर्य राशि- कन्या राशि,स्वामी ग्रह -बुध
करण= बालव
योग: -व्यतिपात
शुभ मुहूर्त
1अभिजीत-नहीं है।2विजय मुहूर्त-02:29pm से 03:23 pm तक
3गोधुली मुहूर्त--06:20pm से 07:23 pm तक
4 ब्रम्ह मुहूर्त-4:04m से 05:05am तक
5अमृत काल-06:08am से 07;48am तक
6निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:45 से 12:21तक रात
संध्या पूजन-06:26 pm से 07:04pm तक
दिशा शूल -उत्तर ।इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं,यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।
अशुभ मुहूर्त
राहुकाल-दोपहर 12 बजे से 01:30 बजे तकक्या करें-आश्विन माह कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि है। पितृ पक्ष चल रहा है। आज अष्टमी श्राद्ध दिवस है। अपने पितरों का श्राद्ध अवश्य करें। आज अष्टमी व्रत रख सकते हैं। गणेश जी की उपासना करें। गणपति जी संकटहर्ता व उनकी भक्ति कल्याणकारी हैं। वह संकटों का नाश करते हैं। गणेश जी की उपासना से सभी ग्रह प्रसन्न रहते हैं।सुबह मन्दिर में विनायक जी के दर्शन के बाद दिन भर उपवास में उनकी उपासना की जाती है। आज संकल्प करें कि हम धार्मिक ज्ञान प्राप्त करेंगे।अच्छे मार्ग पर चलेंगे। सायंकाल भोजन वो भी फलाहार व्रत रखते हैं। श्री भैरव उपासना करें। आज आपका भोजन फलाहारी हो। कोई बड़ा धार्मिक अनुष्ठान कराएं। शरीर स्वस्थ रखने के लिए हनुमान बाहुक का पाठ करें। सुंदरकांड का श्रवण करें। पितृ पक्ष में नियमित पितरों का श्राद्ध करें । गाय को रोटी,गुड़ व भोजन दें। कौवे को नित्य भोजन दें। श्राद्ध पक्ष में नियमित तर्पण करें व तिथि के दिन श्राद्ध अवश्य करें। पिता ,माता ,गुरु व बड़े भाई का चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लें। बटुक भैरव स्तोत्रम का पाठ अत्यंत लाभ करेगा। आज गणेश जी के मन्दिर में उनको दूर्वा अर्पित करें।
क्या न करें-पुरखों का श्राद्ध अवश्य करें।विहंगों व कौए को भोजन -पानी देना मत भूलें।
