अध्यात्म

23 October 2024 Panchang: पंचांग से जानिए कार्तिक महीने की सप्तमी तिथि के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त, कब से कब तक रहेगा राहुकाल का समय

23 October 2024 Panchang (23 अक्तूबर 2024 आज का पंचांग): आज के दिन सूर्योदय का समय सुबह 6 बजकर 25 मिनट पर होगा। इस दिन पुनर्वसु नक्षत्र रहेगा। अब जानिए आज का पूरा पंचांग।

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23 October 2024 Panchang

23 October 2024 Panchang (23 अक्तूबर 2024 आज का पंचांग): कार्तिक महीने की कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि के दिन सूर्योदय सुबह 6 बजकर 25 मिनट पर होगा। बुधवार के दिन अभिजीत मुहूर्त नहीं रहेगा। आज के दिन संध्या का मुहूर्त 06:24 pm से 07:09pm तक रहेगा। आज के दिन उत्तर दिशा में यात्रा ना करें। इस दिशा में दिशा शूल रहने वाला है। राहुकाल का समय दोपहर 12 बजे से 01:30 बजे तक रहेगा। राहुकाल में कोई शुभ काम ना करें। आइए जानें पूरा पंचांग।

23 October 2024 Panchang (23 अक्तूबर 2024 आज का पंचांग)

संवत-पिङ्गला विक्रम संवत 2081

माह-कार्तिक ,कृष्ण पक्ष

तिथि- सप्तमी ,व्रत-सप्तमी व्रत

दिन- बुधवार

सूर्योदय-06:25am

सूर्यास्त-06:01pm

नक्षत्र-पुनर्वसु

चन्द्र राशि -मिथुन, स्वामी-बुध

सूर्य राशि-तुला, स्वामी ग्रह-शुक्र

करण- विष्टि 01:18 pm तक फिर बव

योग: शिव07 am तक फिर सिद्ध

शुभ मुहूर्त

1अभिजीत-बुधवार को इसका निषेध रहता है।

2विजय मुहूर्त-02:20pm से 03:24 pm तक

3गोधुली मुहूर्त- 06:21pm से 07:24 pm तक

4ब्रम्ह मुहूर्त-4:09m से 05:07am तक

5अमृत काल-06:05am से 07;42am तक

6निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:43से 12:20तक रात

संध्या पूजन-06:24 pm से 07:09pm तक

दिशा शूल -उत्तर दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं,यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

अशुभ मुहूर्त

राहुकाल-दोपहर 12 बजे से 01:30 बजे तक

क्या करें-आज कार्तिक माह सप्तमी का पावन व्रत रहें। बटुक भैरव स्तोत्र का पाठ करें। भैरो जी शिव भक्ति के देवता हैं। वह संकटमोचक हैं।उनके आशीर्वाद के लिए व्रत रहेंगे। फलाहार व्रत व बुधवार को गणेश जी की उपासना भी की जाती है। इस व्रत से जन्म जन्मांतर के पाप नष्ट होते हैं तथा उम्र लंबी होती है। मनोवांछित फल की प्राप्ति हेतु संकल्प करके यह नियमित सप्तमी का महान व्रत करें।भक्ति जन्म जन्मांतर तक काम आती है। मन्दिर मे गणेश जी को प्रसाद अर्पित करें। गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें।

क्या न करें-अन्याय व पाप से दूर रहें।किसी की निंदा मत करें।

Sujeet jee Maharaj
सुजीत जी महाराजauthor

सुजीत जी महाराज ज्योतिष और वास्तु विज्ञान एक्सपर्ट हैं जिन्हें 20 वर्षों का ज्योतिष, तंत्र विज्ञान का अनुभव हासिल हैं। 25000 से ऊपर लेख देश के कई बड़े पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं और कई बड़े पुरस्कार भी प्राप्त कर चुके हैं जिसमें ,एक अमेरिका के संस्था से भी प्राप्त है। यह गणित के साथ फलित ज्योतिष पर भी पकड़ रखते हैं और ज्योतिष के क्षेत्र में इन्हें कई सम्मान मिल चुके हैं।

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