18 September 2024 Panchang( 18 सितंबर 2024 पंचांग): भाद्रपद मास की पूर्णिमा तिथि के दिन ब्रम्ह मुहूर्त सुबह 4 बजकर 4 मिनट से लेकर 5 बजकर 5 मिनट तक रहेगा। इस मुहूर्त में गंगा स्नान करना शुभ रहेगा। आज के दिन सुबह 11 बजकर 31 मिनट के बाद उत्तराभाद्रपद नक्षत्र शुरू हो जाएगा। आज के दिन राहुकाल का समय दोपहर 12 बजे से 01:30 बजे सायंकाल तक रहेगा। राहुकाल में कोई भी शुभ काम नहीं करना चाहिए। उत्तर दिशा में यात्रा करने से बचें। इस दिशा दिशा शूल रहेगा। अब जानिए आज का पूरा पंचांग।
18 September 2024 Panchang( 18 सितंबर 2024 पंचांग)
संवत-पिङ्गला विक्रम संवत 2081माह-भाद्रपद ,शुक्ल पक्ष
तिथि- पूर्णिमा 08:05am तक फिर प्रतिपदा व्रत- पूर्णिमा व्रत
दिवस-बुधवार
सूर्योदय-06:07am
सूर्यास्त-06:38pm
नक्षत्र- पूर्वाभाद्रपद 11:31am तक फिर उत्तराभाद्रपद
चन्द्र राशि -मीन राशि,स्वामी ग्रह-गुरु
सूर्य राशि- कन्या राशि,स्वामी ग्रह -बुध
करण- बव 08:05am तक फिर बालव
योग: -गण्ड11:28 pm तक फिर विधि
शुभ मुहूर्त
1अभिजीत-नहीं है।2विजय मुहूर्त-02:29pm से 03:21 pm तक
3गोधुली मुहूर्त--06:20pm से 07:20 pm तक
4 ब्रम्ह मुहूर्त-4:04m से 05:05am तक
5अमृत काल-06:06am से 07;51am तक
6निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:47 से 12:21तक रात
संध्या पूजन-06:21 pm से 07:04pm तक
दिशा शूल -उत्तर दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं,यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।
अशुभ मुहूर्त
राहुकाल-दोपहर 12 बजे से 01:30 बजे सायंकाल तक
क्या करें-मासिक भाद्रपद माह शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि है।पूर्णिमा व्रत रख सकते हैं।आज व्रत रहें।भगवान विष्णु कल्याणकारी व पालनकर्ता हैं। वह संकटों का नाश करते हैं। किसी भी कार्य के पूर्ण करने वाला व्रत पूर्णिमा ही है। महान व्रत नियम पूर्वक करना होता है। दिन भर उपवास में विष्णु जी की उपासना की जाती है। रात्रि में चन्द्रमा को अर्ध्य देते हैं। आज संकल्प करें कि हम ज्ञान प्राप्त करेंगे। कुछ संत निराजल व्रत रखकर उपासना करते हैं व सायंकाल भोजन वो भी फलाहार व्रत रखते हैं। आज बुधवार भी है। श्री विष्णुसहस्रनाम का पाठ करें। आज आपका भोजन फलाहारी हो। कोई बड़ा धार्मिक अनुष्ठान कराएं।श्री सूक्त का पाठ भी करें।
क्या न करें-पूर्णिमा को असत्य मत बोलें।पर निंदा से बचें।
