अध्यात्म

14 November 2024 Panchang: बैकुंठ चतुर्दशी के दिन क्या होगा पूजा का शुभ मुहूर्त, कब से कब तक रहेगा राहुकाल

14 November 2024 Panchang: कार्तिक महीने की शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि सूर्योदय सुबह 06:39 तक रहेगा। इसके साथ ही अश्वनी नक्षत्र रहेगा। आइए जानें आज का पंचांग।

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14 November 2024 Panchang

14 November 2024 Panchang: कार्तिक महीने की शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि का व्रत रखा जाएगा। इस दिन अश्वनी नक्षत्र रहेगा। आज के दिन अभिजीत मुहूर्त 11:54 am से 12:34 pm तक रहेगा। इस दिन संध्या पूजन-06:22 pm से 07:07pm तक रहेगा। आज के दिन राहुकाल-दोपहर 01:30 बजे से 03 बजे तक रहेगा। आइए जानें आज का पूरा पंचांग।

14 November 2024 Panchang (14 नवंबर 2024 पंचांग)

संवत-पिङ्गला विक्रम संवत 2081

माह-कार्तिक ,शुक्ल पक्ष,पर्व -त्रयोदशी,प्रदोष व्रत पारण

तिथि- त्रयोदशी 09:43 am तक फिर चतुर्दशी

दिवस -गुरुवार

सूर्योदय-06:39am

सूर्यास्त-05:30 pm

नक्षत्र-अश्वनी

चन्द्र राशि -मेष स्वामी ग्रह -मङ्गल

सूर्य राशि-तुला,स्वामी ग्रह-शुक्र

करण-तैतिल

योग:सिद्ध

शुभ मुहूर्त

1अभिजीत-11:54 am से 12:34 pm तक

2विजय मुहूर्त-02:24pm से 03:24pm तक

3गोधुली मुहूर्त-06:23pm से 07:21pm तक

4 ब्रम्ह मुहूर्त-4:09m से 05:07am तक

5अमृत काल-06:06am से 07:41am तक

6निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:43से 12:22तक रात

संध्या पूजन-06:22 pm से 07:07pm तक

दिशा शूल- दक्षिण दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं,यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

अशुभ मुहूर्त

राहुकाल-दोपहर 01:30 बजे से 03 बजे तक

क्या करें- आज त्रयोदशी है। रुद्राभिषेक कराने से शिव कृपा प्राप्त होती है। भगवान शंकर जी की पूजा करें। माता पार्वती -शिव उपासना करें । आज व्रत रखने का बहुत महत्व होता है। शिव के निराकार व साकार रूप दोनों रूप की पूजा बहुत ही श्रद्धा से होती है। जीवन को प्रसन्नमय व उन्नतिशील करने के लिए ॐ नमः शिवाय महामंत्र का जप करें। शिवपुराण का पाठ धन,धान्य ,आरोग्यता व समृद्धि के लिए कर सकते हैं। आज गुरुवार भी है। शिव उपासना का महान व्रत है। यह व्रत करने से जन्म जन्मांतर के पाप नष्ट होते हैं । महामृत्युंजय मंत्र अनुष्ठान से उम्र लंबी होती है। श्री शिवपुराण का पाठ करें। घर पर पार्थिव शिवलिंग बनाकर रुद्राभिषेक कर सकते हैं। भगवान शिव के नाम का जप करने से पाप नष्ट होते हैं। शिवालय जाएं व जलाभिषेक करें इससे आपका प्रगति मार्ग प्रशस्त होता है व भगवान भोलेनाथ जी की अनन्य भक्ति व आत्मशक्ति प्राप्त होती है। आज श्री रामचरितमानस का पाठ अवश्य करें।

क्या न करें-किसी प्राणी को कष्ट मत दें।

Sujeet jee Maharaj
सुजीत जी महाराजauthor

सुजीत जी महाराज ज्योतिष और वास्तु विज्ञान एक्सपर्ट हैं जिन्हें 20 वर्षों का ज्योतिष, तंत्र विज्ञान का अनुभव हासिल हैं। 25000 से ऊपर लेख देश के कई बड़े पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं और कई बड़े पुरस्कार भी प्राप्त कर चुके हैं जिसमें ,एक अमेरिका के संस्था से भी प्राप्त है। यह गणित के साथ फलित ज्योतिष पर भी पकड़ रखते हैं और ज्योतिष के क्षेत्र में इन्हें कई सम्मान मिल चुके हैं।

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