अध्यात्म

आज 14 जनवरी को चावल की खिचड़ी खा सकते हैं या नहीं, जानिए क्या कहते हैं नियम?

Kya 14 January Ko Khichadi Kha sakte Hai: आज 14 जनवरी 2026 दिन बुधवार को पंचांग के अनुसार माघ माह के कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि है। वहीं, दोपहर 3 बजकर 13 मिनट पर ग्रहों के राजा सूर्य भी मकर राशि में पहुंच जाएंगे। इससे मकर संक्रांति की शुरुआत हो जाएगी। मकर संक्रांति में चावल और दाल का दान करना व इनसे बनी खिचड़ी खाने का प्रावधान है। वहीं, मान्यताओं के अनुसार एकादशी पर चावल का सेवन वर्जित है। ऐसे में आइए जानते हैं कि क्या आज चावल खाया या दान किया जा सकता है?

क्या आज चावल दान या खा सकते हैं

क्या आज चावल दान या खा सकते हैं

Kya 14 January Ko Khichadi Kha sakte Hai: आज, 14 जनवरी 2026 दिन बुधवार को एक बहुत खास और दुर्लभ दिन है। द्रिक पंचांग के अनुसार इस दिन माघ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी यानि षटतिला एकादशी का दिन है। वहीं, दोपहर 3 बजकर 13 और कुछ पंचांगों के अनुसार रात 9 बजकर 19 मिनट पर ग्रहों के राजा सूर्य मकर राशि में प्रवेश कर जाएंगे। ऐसे में आज के दिन मकर संक्रांति भी शुरू हो जाएगी। कुछ कथाओं के अनुसार, एकादशी के दिन चावल खाना वर्जित है। वहीं, मकर संक्रांति में चावल की खिचड़ी खाने का प्रावधान है। ऐसे में असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है कि आज के दिन चावल का दान करें या नहीं, या फिर आज के दिन खिचड़ी खाना सही होगा या फिर नहीं होगा। आइए इस प्रश्न का उत्तर जानते हैं।

क्या कहते हैं विद्वान?

गोरखपुर के पंडित और ज्योतिषाचार्य सुजीत जी महाराज की मानें तो द्रिक पंचांग के अनुसार भले ही सूर्य का मकर में गोचर दोपहर 3 बजकर 13 मिनट दिखा रहा है, लेकिन प्राचीन पंचांग के अनुसार सूर्य का गोचर रात 9 बजकर 19 मिनट पर होगा। अब जब सूर्य का गोचर रात के समय हो रहा है तो इस दिन दान और खिचड़ी बनाना व खाना शुभ नहीं माना जाएगा। 14 जनवरी को माघ मास की कृष्ण पक्ष की षटतिला एकादशी भी पड़ रही है। इस कारण 14 जनवरी को चावल खाना और बनाना शुभ नहीं माना जाएगा।

मकर संक्रांति और खिचड़ी का महत्व

मकर संक्रांति को खिचड़ी पर्व भी कहा जाता है। इस दिन चावल और दाल की खिचड़ी बनाना, खाना और दान करना बहुत शुभ माना जाता है। नए अन्न की पहली कटाई का जश्न मनाया जाता है और खिचड़ी ग्रहों की शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए प्रसाद के रूप में ली जाती है।

एकादशी पर चावल और खिचड़ी के नियम

एकादशी व्रत विष्णु जी को समर्पित होता है। इस दिन अन्न (खासकर चावल, गेहूं आदि अनाज) का सेवन, स्पर्श या दान वर्जित माना जाता है। कुछ कथाओं और प्रसिद्ध कथावाचकों के अनुसार एकादशी पर चावल खाने से व्रत का फल नष्ट हो जाता है, और पाप लग सकता है। इस कारण 14 जनवरी कोचावल की खिचड़ी खाना या दान करना निषिद्ध है।

डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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Mohit Tiwari
Mohit Tiwari author

मोहित तिवारी को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रतिष्ठित न्यूजपेपर में फील्ड रिपोर्टिंग से की थी। मोहित ... और देखें

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