अध्यात्म

1 November 2024 Panchang, Laxmi Puja Muhurat: 1 नवंबर को दिवाली लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा, पंचांग से जानिए सटीक समय

1 November 2024 Panchang: इस दिन कार्तिक अमावस्या दोपहर 05:13 बजे तक रहेगी। इसके बाद कार्तिक शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि लग जाएगी। कुछ लोग आज भी दिवाली का त्योहार मनाएंगे। चलिए बताते हैं आपको 1 नवंबर के सभी शुभ-अशुभ मुहूर्त।

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Aaj Ka Panchang 1 November 2024

1 November 2024 Panchang: आज कार्तिक माह शुक्ल पक्ष की। प्रतिपदा है।कार्तिक माह की इस पवित्र तिथि से तुलसी पूजन शुरू करते हैं। आज बहुत पावन दिवस है। लक्ष्मी व विष्णु जी के पूजा हेतु उपासना करें। आज वैभव लक्ष्मी जी की पूजा करें माता लक्ष्मी जी की उपासना भी आज की जाती है। जीवन को प्रसन्नमय व उन्नतिशील करने के लिए श्री सूक्त का पाठ करें। बंगलामुखी माता का पूजन करें। आरोग्यता के लिए लोग आज हनुमान बाहूक का पाठ कर सकते हैं। फलाहार व्रत व भगवान गणेश व लक्ष्मी पूजा भी की जाती है। यह व्रत करने से जन्म जन्मांतर के पाप व वर्तमान रोग नष्ट होते हैं तथा उम्र लंबी होती है। मनोवांछित सफलता की प्राप्ति व आर्थिक उन्नति के लिए कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें ।

1 नवंबर 2024 पंचांग (1 November 2024 Panchang)

संवत---पिङ्गला विक्रम संवत 2081

माह-कार्तिक ,शुक्ल पक्ष

तिथि- अमावस्या 05:13pm तक फिर प्रतिपदा,दिवस -शुक्रवार

सूर्योदय-06:31am

सूर्यास्त-05:38 pm

नक्षत्र-- स्वाती

चन्द्र राशि -- तुला राशि,स्वामी ग्रह -शुक्र

सूर्य राशि- तुला,स्वामी ग्रह-शुक्र

करण-नागव

योग: प्रीति

दिवाली लक्ष्मी पूजा मुहूर्त 1 नवंबर 2024 (Diwali Puja Muhurat 1 Nov 2024)

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त - 05:36 PM से 06:16 PM

प्रदोष काल - 05:36 PM से 08:11 PM

वृषभ काल - 06:20 PM से 08:15 PM

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त स्थिर लग्न के बिना

दीवाली लक्ष्मी पूजा के लिये शुभ चौघड़िया मुहूर्त (1 Nov 2024 Shubh Choghadiya Muhurat)

प्रातः मुहूर्त (चर, लाभ, अमृत) - 06:33 से 10:42

अपराह्न मुहूर्त (चर) - 16:13 से 17:36

अपराह्न मुहूर्त (शुभ) - 12:04 से 13:27

1 नवंबर 2024 शुभ मुहूर्त (1 November 2024 Shubh Muhurat)

अभिजीत-11:51am से 12:35 pm तक।

विजय मुहूर्त-02:21pm से 03:24 pm तक

गोधुली मुहूर्त--06:21pm से 07:20pm

ब्रम्ह मुहूर्त-4:08m से 05:09am तक

अमृत काल-06:04am से 07;41am तक

निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:43से 12:24तक रात

संध्या पूजन-06:22 pm से 07:05pm तक

दिशा शूल- पूर्वदिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं, यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

अशुभ मुहूर्त--राहुकाल--प्रातःकाल 10:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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