टाइम कैप्सूल तो आपने सुना ही होगा लेकिन क्या आप इसके बारे में जानते हैं कि यह क्या होता है। अगर आपको इस बारे में नहीं पता तो चलिए आज हम आपको इस बारे में बताते हैं।
दरअसल, टाइम कैप्सूल एक ऐसा डिब्बा या कंटेनर होता है। जिसमें आज की चीजें रखकर उसे भविष्य के लिए जमीन में दबा दिया जाता है। ताकि आने वाली पीढ़ियों को हम यह बता सकें कि हम कैसे रहते थे, कैसे सोचते थे, क्या करते थे।
अब आइए आपको बताते हैं कि टाइम कैप्सूल में क्या-क्या चीजें रखी जाती हैं। इसमें आज के अखबार, सिक्के और नोट, तस्वीरें, चिट्ठियां और कुछ रोजमर्रा की चीजें ताकि आने वाली पीढ़ी हमारे समय को समझ पाए।
यह भी जान लीजिए कि एक टाइम कैप्सूल को बंद करने के बैद उसे आखिर कितने साल बाद खोला जाता है। बताते चलें कि टाइम कैप्सूल को 10 साल, 50 साल, 100 साल या फिर उससे भी ज्यादा समय के बाद खोलने के लिए तय किया जाता है।
आपको जानकर हैरानी होगी कि दुनिया का पहला आधुनिक टाइम कैप्सूल साल 1939 में अमेरिका में बनाया गया था और उसे 5,000 साल बाद खोला जाना है।
टाइम कैप्सूल को स्कूलों में, कॉलेजों में पर या फिर बड़ी इमारतों की नींव में बनाए जाते हैं। भारत में भी कुछ जगहों पर टाइम कैप्सूल बनाए गए हैं।
टाइम कैप्सूल इतिहास को सहेजने के लिए बनाया जाता है। ये कैप्सूल भविष्य में आने वाली पीढ़ियों को आज के समय के बारे में संदेश देने का काम करती है। एक तरह से देखा जाए तो यह आज और भविष्य के बीच का पुल है।