जब भारत और पाकिस्तान का बंटवारा हो रहा था, तब जमीन के साथ-साथ नदियां भी बंट गईं। जहां भारत के हिस्से में गंगा, यमुना, कृष्णा, कावेरी, नर्मदा और ब्रह्मापुत्र जैसी कई बड़ी महानदियां आईं।
वहीं, पाकिस्तान के हिस्से में तीन बड़ी नदियां गईं। जिनका नाम सिंधु, झेलम और चिनाब है। आप सभी लोगों को यह बात तो पता ही है कि भारत में सबसे लंबी नदीं गंगा है। जिसकी धारा भारत से बहते हुए बंगाल की खाड़ी तक जाती है और फिर वह समुद्र में मिल जाती है।
ये तो हो गई भारत की बात, मगर क्या आपको यह पता कि पाकिस्तान की सबसे लंबी नदी कौन सी है? हो सकता है कि आपमें से कई लोगों को इसकी जानकारी होगी, मगर जिन लोगों को इस बारे में नहीं पता, उन्हें आज हम इसका जवाब बता देते हैं।
जैसे भारत के लिए गंगा जीवनदायी और महत्वपूर्ण नदी है, वैसे ही पाकिस्तान के लिए सिंधु नदी उसकी जीवनरेखा और बेहद ही महत्वपूर्ण नदी है। सिंधु नदी (Indus River) ही पाकिस्तान की सबसे लंबी नदी है।
इसी नदी के बदौलत पूरे पाकिस्तान में खेती होती है और लोगों की जरूरतें भी पूरी होती हैं। सिंधु नदी का उद्गम स्थल तिब्बत में मानसरोवर झील के पास है, इसके बाद यह नदी भारत के लद्दाख से होकर गुजरती है और पाकिस्तान में घुसती है।
पाकिस्तान के बड़े हिस्से को कवर करते हुए यह नदी अरब सागर में गिर जाती है। इस नदी की कुल लंबाई 3180 किलोमीटर है, जबकि भारत में यह नदी 1114 किलोमीटर का रास्ता तय करती है।
दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक माने जाने वाली सिंधु घाटी सभ्यता इसी नदी के किनारे बसी हुई थी। इसके अलावा इसी नदी के किनारे मोहनजोदड़ो और हड़प्पा जैसी प्राचीन सभ्यताएं भी विकसित हुईं।