सबसे पहले आपको बता दें कि तेल के कुएं में जो आग लगती है, वह बहुत खतरनाक होती है क्योंकि ये बहुत तेजी से फैलती है और लगातार जलती ही रहती है। आग लगने के बाद कुएं से भयानक गैस और तेल लगातार बाहर निकलते रहते हैं, जो आग को और भी भयानक रूप दे देते हैं।
ऐसे में एक्सपर्ट्स तेल के कुएं में लगी आग को बुझाने के लिए खास तकनीकों का इस्तेमाल करते हैं। आइए जानते हैं कि तेल के कुएं में लगी आग को किन तकनीकों के जरिए बुझाया जाता है।
सबसे पहली तकनीक होती है, तेल के कुएं के पास धमाका करना। जी हां! आपने सही सुना, जब भी तेल के कुएं में आग लगती है, तो उसमें विस्फोटक लगाए जाते हैं, ताकि धमाके की वजह से आग के पास की ऑक्सीजन हट जाती है और जैसे ही आग का ऑक्सीजन से संपर्क टूटता है वैसे ही आग अपने आप ही बुझ जाती है।
दूसरा तरीका है कि इस आग को बुझाने के लिए एक्सपर्ट्स तेज दवाब वाले पानी और केमिकल्स का इस्तेमाल करते हैं। जब तेल के कुएं में आग लगती है तो उसमें तेज दबाव से पानी और खास तरह के केमिकल्स डाले जाते हैं, ये दोनों मिलकर आग को ठंडा करते हैं ताकि आग को फैलने से रोका जा सके।
कई बार तेल के कुएं में आग लग जाती है तो उसे बंद करना पड़ता है क्योंकि इस वक्त सबसे जरूरी काम तेल के बहाव को रोकना होता है। इसके लिए एक्सपर्ट्स कुएं पर भारी ढक्कन (cap) लगाते हैं या फिर नीचे से एक और कुआं खोदना पड़ता है ताकि दूसरा कुआं तेल के दबाव को कम करे और धीरे-धीरे पहले कुएं में तेल जाना बंद हो जाता है। जिससे आग पर काबू पाया जाता है।
बता दें कि इस आग को बुझाने के लिए कभी भी आग के पास इंसानों को नहीं भेजा जाता क्योंकि इस आग की लपटें बहुत तेज होती हैं और इंसान उसके पास जाते ही राख हो जाएगा इसलिए इस आग को बुझाने के लिए रोबोट्स और खास तरह की मशीनों का इस्तेमाल किया जाता है।
तेल के कुएं में लगी आग को बुझाना काफी खतरनाक और समय लेने वाला काम होता है। कई बार इस आग को बुझाने में कई दिन या फिर महीनों लग जाते हैं। तब जाकर कहीं आग को नियंत्रित किया जाता है।