भारत में हर साल 1 फरवरी को वित्त मंत्री पूरे देश के लिए अपना बजट पेश करते हैं, मगर पाकिस्तान में भारत की तरह कोई एक खास तारीख तय नहीं है। पाकिस्तान में बजट पेश करने की डेट इधर-उधर होती रहती है।
आपको बता दें कि पाकिस्तान में आमतौर पर जून के पहले या दूसरे हफ्ते में बजट पेश किया जाता है। ज्यादातर मामलों में यह तारीख 10 जून से 15 जून के बीच होती है।
हालांकि, पाकिस्तानी सरकार ने अपने बजट को लेकर कोई सटीक तारीख तय नहीं की है। ये तारीख हर साल बदलती रहती है। मालूम हो कि भारत और पाकिस्तान दोनों देशों में वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल से 31 मार्च तक होता है।
इसके बावजूद भी पाकिस्तानी सरकार अपना बजट अप्रैल के बाद जून के महीने में अलग-अलग तारीखों पर पेश करती है। वहीं भारत में सरकार अपना बजट 1 फरवरी को ही पेश कर देती है ताकि 1 अप्रैल से नई योजनाओं को लागू किया जा सके
पाकिस्तान में बजट को देर से पेश करने के पीछे वहां बजट तैयार करने की प्रक्रिया और राजनीतिक परिस्थितियां हैं क्योंकि पाकिस्तान में अक्सर सियासी हलचल मची रहती है।
पाकिस्तान के बजट को देश के वित्त मंत्री अपनी नेशनल असेंबली में पेश करते हैं, जिसमें सरकार की कमाई, खर्च, टैक्स, सब्सिडी और विकास योजनाओं की पूरी जानकारी दी जाती है।
भारत हो या पाकिस्तान, दोनों देशों में पेश किए गए बजट का असर सीधे आम जनता पर पड़ता है और दोनों जगहों पर बजट महंगाई, पेट्रोल-डीजल के दाम, टैक्स, सरकारी योजनाएं, नौकरी और विकास योजनाओं से जुड़ी होती हैं।