छोटे दिखते हैं, लेकिन 100 हाथियों जितना वजन सह लेते हैं विमान के ये पहिए, जाने कितने बनाए जाते हैं मजबूत

विमान के छोटे-छोटे पहियों को देखकर आपने मन में कभी यह बात आई है कि आखिर ये छोटे पहिए एक विशालकाय विमान का इतना भार कैसे झेलता होगा। क्या ये कभी फटना नहीं, आखिर इतना मजबूत टायर कैसे बनाया जाता है। भले ही इन सारे सवालों पर आपका ध्यान कभी ना गया हो लेकिन आज हम आपको इन सभी का जवाब देने वाले हैं।

Authored by: पंकज यादवUpdated Jan 8 2026, 08:13 IST
जरूर देखा होगा हवाई जहाजImage Credit : IStock01 / 08

जरूर देखा होगा हवाई जहाज

आपने अक्सर हवाई जहाज को उड़ान भरते या फिर उतरते देखा होगा। ऐसे में हमारा ध्यान उसके विशाल पंखों पर या फिर उसके साइज पर टिका होता है। लेकिन जो चीज सबसे ज़्यादा वजन उठाती है, उसे लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं।

विमान के छोटे से टायरImage Credit : IStock02 / 08

विमान के छोटे से टायर

जी हां, हम बात कर रहे हैं विमान के पहियों की, जो दिखने में छोटे से सामान्य टायर जैसे लगते हैं, लेकिन हकीकत में ये 100 हाथियों के बराबर का वजन उठा लेते हैं। अब सवाल ये है कि आखिर इतने छोटे से टायर को इतना मजबूत कैसे बनाया जाता है। आइए आज हम आपको इसी बारे में बताते हैं।

हर पहिए पर पड़ता है बराबर वजनImage Credit : IStock03 / 08

हर पहिए पर पड़ता है बराबर वजन

आमतौर पर एक विमान जब पूरी तरह लोडेड होता है, तो उसका वजन 250 से 300 टन तक होता है। विमान का इतना ज्यादा वजन सीधे एक पहिए पर नहीं पड़ता, वजन लैंडिंग गियर के कई पहियों में बराबर-बराबर बंट जाता है। हर एक पहिए पर लगभग 20–30 टन तक का दबाव पड़ता है, जो कि 10 अफ्रीकी हाथियों के वजन के बराबर है।

किससे बने होते हैं विमान के ये पहिएImage Credit : IStock04 / 08

किससे बने होते हैं विमान के ये पहिए

बता दें कि विमान के पहिए किसी कार या ट्रक के टायर जैसे नहीं होते। ये पहिए रबर से ही बने होते हैं लेकिन इनमें प्राकृतिक रबर के साथ सिंथेटिक रबर को भी मिलाया जाता है। पहिए के अंदर स्टील और नायलॉन की कई परतें होती हैं।

बहुत ही सख्त होते हैं ये टायरImage Credit : IStock05 / 08

बहुत ही सख्त होते हैं ये टायर

ये टायर इतने सख्त होते हैं कि अगर आप इन्हें हाथ से दबाएंगे तो ये बिल्कुल भी नहीं दबेंगे। टायर की बनावट ही सबसे बड़ी वजह है कि ये भारी दबाव के बावजूद भी नहीं फटते। इसी कारण टायर ज्यादा सुरक्षित और टिकाऊ बनते हैं।

विमान के टायर में भरी जाती है ये गैसImage Credit : IStock06 / 08

विमान के टायर में भरी जाती है ये गैस

विमान के टायर में कोई साधारण हवा नहीं, बल्कि नाइट्रोजन गैस भरी जाती है। ऐसा इसलिए क्योंकि नाइट्रोजन तापमान बदलने पर कम फैलती है। साथ ही ये लैंडिंग के समय टायर घिसने की वजह से बहुत गर्म हो जाते हैं और नाइट्रोजन की वजह से आग लगने का खतरा भी कम रहता है।

तेज रफ्तार की मार भी झेलते हैं ये पहिएImage Credit : IStock07 / 08

तेज रफ्तार की मार भी झेलते हैं ये पहिए

जब विमान उड़ान के बाद रनवे पर लैंड करता है, तो उसकी स्पीड करीब 250–300 किमी/घंटा तक होती है। लैंडिंग के वक्त विमान के पहिए एक झटके में घूमना शुरू कर देते हैं। रनवे पर अचानक घर्षण से टायर का तापमान 200°C से ज्यादा तक हो सकता है फिर भी ये टायर कभी फेल नहीं होते, क्योंकि इन्हें इसी हालात के लिए टेस्ट किया जाता है।

कितने दिन बाद बदले जाते हैं विमान के पहिए?​Image Credit : IStock08 / 08

कितने दिन बाद बदले जाते हैं विमान के पहिए?​

अब आप ये सोच रहे होंगे कि विमान का एक पहिया कितना दिन चलता होगा। तो आपको बता दें कि एक विमान का टायर औसतन 300–500 लैंडिंग तक चलता है। फिर इसे बदल दिया जाता है। हालांकि कुछ टायरों को रीट्रेड किया जाता है। यानी कि टायर के ऊपरी परत को बदलकर उसे फिर से इस्तेमाल किया जाता है लेकिन सुरक्षा के लिहाज से समय-समय पर इन्हें बदलना जरूरी होता है।

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