यहां का ट्रैफिक सिस्टम पूरी दुनिया से अलग, हरे नहीं बल्कि नीले लाइट पर चलता है ट्रैफिक

आज हम आपको एक ऐसी जगह के अनोखे ट्रैफिक सिस्टम के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे जानने के बाद आप हैरान रह जाएंगे क्योंकि यहां हरे रंग की जगह नीले रंग पर ट्रैफिक चलता है। जी हां! यहां का ट्रैफिक सिस्टम पूरी दुनिया से अलग है।

Authored by: पंकज यादवUpdated Jan 24 2026, 17:48 IST
पूरी दुनिया में एक ही ट्रैफिक सिस्टमImage Credit : IStock01 / 07

पूरी दुनिया में एक ही ट्रैफिक सिस्टम

जब हम ट्रैफिक सिग्नल की बात करते हैं, तो दिमाग में तुरंत ट्रैफिक लाइट्स की तस्वीरें आने लगती हैं, जिनमें लाल, पीली और हरे रंग की बत्ती होती है। यही ट्रैफिक लाइट आपको दुनिया के हर हिस्से में मिलेगी, लेकिन इस मामले में जापान थोड़ा अलग है।

लेकिन जापान का सिस्टम थोड़ा अलग Image Credit : IStock02 / 07

लेकिन जापान का सिस्टम थोड़ा अलग

दरअसल, जापान में ट्रैफिक लाइट सिस्टम इससे थोड़ा अलग है। जापान में ट्रैफिक लाइट में हरे रंग को ही नीला माना जाता है। कई जगहों पर ट्रैफिक सिग्नल में आपको हल्का नीला रंग भी देखने को मिल सकता है, जिसे देख लोग हैरान रह जाते हैं।

नीले रंग के ट्रैफिक लाइट पर चलती हैं गाड़ियां Image Credit : IStock03 / 07

नीले रंग के ट्रैफिक लाइट पर चलती हैं गाड़ियां

जी हां! आपको यह सुनने में भले अजीब लगे, लेकिन यह सच है और इसके पीछे एक दिलचस्प वजह है। असल में इसके पीछे की वजह ट्रैफिक सिग्नल नहीं बल्कि जापानी भाषा का इतिहास है।

क्या है इसके पीछे की वजह?Image Credit : IStock04 / 07

क्या है इसके पीछे की वजह?

भाषा एक्सपर्ट की मानी जाए तो प्राचीन जापानी भाषा में रंगों के लिए बहुत ही कम शब्द हुआ करते थे। उस समय जापान में केवल चार रंग ही माने जाते थे। लाल, काला, सफेद और नीला। नीले रंग के लिए 'Ao' शब्द का इस्तेमाल होता था।

लोग पहले हरे को ही मानते थे नीलाImage Credit : IStock05 / 07

लोग पहले हरे को ही मानते थे नीला

हरे रंग के लिए उस वक्त कोई शब्द नहीं था इसलिए हरे रंग को भी नीले रंग की श्रेणी में रखा गया। तब जापान के लोग हरे रंग को भी नीला ही कहते थे। बाद में 'मिदोरी' शब्द आया जो हरे रंग के लिए था, लेकिन आम बोलचाल की भाषा में 'Ao' आओ शब्द ही काफी प्रचलित था।

सरकार ने उठाया यह कदमImage Credit : IStock06 / 07

सरकार ने उठाया यह कदम

1930 के दशक में जब जापान में ट्रैफिक सिग्नल शुरू हुए तो 1960 के रोड ट्रैफिक कानून में हरे सिग्नल को ऑफिशियली 'Ao' आओ लिखा गया। इंटरनेशनल लॉ ऑब्जेक्शन के बाद 1973 में सरकार ने ऐसा हरा रंग चुना जिसमें हल्का नीलापन हो ताकि वह दिखे हरा लेकिन भाषा में 'Ao' आओ कहा जा सके।

दुनिया के सबसे सुरक्षित ट्रैफिक सिस्टम्स में से एकImage Credit : IStock07 / 07

दुनिया के सबसे सुरक्षित ट्रैफिक सिस्टम्स में से एक

असल में जापान की ट्रैफिक लाइट हरी ही होती है, लेकिन भाषा में उसे आज भी नीला कहा जाता है। अब आप सोच रहे होंगे कि वहां के लोगों को रंग को लेकर कोई भ्रम नहीं होता, तो आपको बता दें कि जापान का ट्रैफिक सिस्टम दुनिया के सबसे सुरक्षित सिस्टम्स में से एक है। वहां के लोग नियमों का सख्ती से पालन करते हैं, इसलिए रंग को लेकर कोई भ्रम नहीं होता।

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