40,000 लोगों की हड्डियों से सजा यह चर्च, दीवारों से लेकर झूमर तक हर जगह लगे हैं इंसानी अवशेष

इस दुनिया में तरह-तरह की अनोखी इमारतें हैं। जिनका निर्माण ईंट-पत्थर, बालू-सीमेंट, लोहा-स्टील और अन्य निमार्ण वस्तुओं से किया गया है और इन्हें सजाने के लिए लाइट्स, शीशे और कई अन्य चीजों का इस्तेमाल किया जाता है। मगर आज हम आपको एक ऐसी अनोखी इमारत के बारे में बताएंगे, जिसे मानव कंकाल और उनकी हड्डियों से सजाया गया है। इस इमारत को सजाने में लगभग 40 से 70 हजार इंसानों की हड्डियों का इस्तेमाल किया गया है।

Authored by: पंकज यादवUpdated May 25 2026, 12:25 IST
​यहां पर इंसानों की हड्डियों से बना है पूरा चर्चImage Credit : Sedlec ossuary Church Official website01 / 08

​यहां पर इंसानों की हड्डियों से बना है पूरा चर्च

भले ही यह सुनकर आपको अजीब लगे लेकिन यह सच है। ऐसा सच में एक इमारत है, जो कि एक चर्च है। बता दें कि इस अजीब चर्च का नाम सेडलेक ऑस्युअरी (Sedlec Ossuary) है। जो चेक गणराज्य (Czechia) के छोटे से शहर कुटना होरा में स्थित है।

बोन चर्च भी कहते हैं इसेImage Credit : Sedlec ossuary Church Official website02 / 08

बोन चर्च भी कहते हैं इसे

चूंकि इस चर्च को सजाने में इंसानों की हड्डियों का इस्तेमाल किया गया है इसलिए इसका नाम 'बोन चर्च' भी है। इस चर्च के ऑफिशियल वेबसाइट के अनुसार, इसका आधिकारिक नाम कोस्टनीस सेडलेक है और इसे बोन चर्च के नाम से भी जाना जाता है।

40 से 70 हजार लोगों की हड्डियों का हुआ है इस्तेमालImage Credit : Sedlec ossuary Church Official website03 / 08

40 से 70 हजार लोगों की हड्डियों का हुआ है इस्तेमाल

बता दें कि इस चर्च को सजाने में 40 से 70 हजार लोगों की हड्डियों का इस्तेमाल किया गया है। जिनके कंकाल आज भी चर्च में मौजूद हैं। इस चर्च की वास्तुकला गोथिक स्टाइल में है। जिसमें बारोक शैली के भी कुछ अंश शामिल हैं।

कब बना था यह चर्च?Image Credit : Sedlec ossuary Church Official website04 / 08

कब बना था यह चर्च?

यह चर्च एक रोमन कैथोलिक ईसाई चर्च है। जिसे सन् 1400 में बनाया गया था। साल 1703 से 1710 के बीच इस चर्च में बारोक शैली में एक नए प्रवेश द्वार का निर्माण भी किया गया था।

आखिर इंसानों की हड्डी से क्यों सजाया गया है यह चर्च?Image Credit : Sedlec ossuary Church Official website05 / 08

आखिर इंसानों की हड्डी से क्यों सजाया गया है यह चर्च?

अगर इतिहास की बात करें तो इस चर्च में इंसानी हड्डियों के इस्तेमाल होने के पीछे की वजह यहां की पवित्र जमीन है। दरअसल, 13वीं सदी में लोगों का मानना था कि यहां की जमीन बहुत ही पवित्र है इसलिए यहां पर बड़ी संख्या में लोगों को कब्रिस्तान में दफनाया जाने लगा।

ये थी असली वजहImage Credit : Sedlec ossuary Church Official website06 / 08

ये थी असली वजह

धीरे-धीरे पूरा कब्र लोगों के शवों से भर गया। जब कब्र में जगह कम पड़ी तो उनके कंकाल को बाहर निकालकर चर्च में सजाया जाने लगा। साल 1870 में चर्च में इंसानों की हड्डियों को तराशकर सजाने के लिए फ्रांतिसेक रिंट नाम के एक कलाकार को नियुक्त किया गया। जिसने चर्च में हड्डियों को कुछ ऐसे सजाया कि यह जगह एक अनोखी कला का शानदार नमूना बन गई।

चर्च का हर एक कोना इंसानी हड्डियों से है सजाImage Credit : Sedlec ossuary Church Official website07 / 08

चर्च का हर एक कोना इंसानी हड्डियों से है सजा

आपको यह जानकर हैरानी होगी कि चर्च के अंदर हड्डियों से बने झूमर देखने को मिलते हैं। चर्च की दीवारों को इंसानों की हड्डियों से ही सजाया गया है। यहां तक की इस चर्च में आप हड्डियों से ही बना एक पूरा क्रॉस भी देख सकते हैं। इस चर्च में एक झूमर ऐसा भी है जो देखने में बेहद ही खास है और उसे बनाने में लगभग इंसान की सारी हड्डियों का इस्तेमाल किया गया है।

कितने की है इस चर्च की टिकट?Image Credit : Sedlec ossuary Church Official website08 / 08

कितने की है इस चर्च की टिकट?

अपनी अनोखी बनावट और इतिहास के कारण यह चर्च लोगों को हैरान कर देती है। हर साल इस चर्च को देखने और यहां घूमने के लिए हजारों लोग यहां आते हैं। इस चर्च के ऑफिशियल वेबसाइट के अनुसार, इस चर्च के टिकट की कीमत 77 यूरो प्रति व्यक्ति है। अगर आज के समय में देखें तो भारतीय रुपए में इसकी कीमत लगभग 8535 रुपए प्रति व्यक्ति होगी।

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