कई बार लोगों की किस्मत इतनी अच्छी होती है कि जब उनके पास कोई उम्मीद नहीं होती तो अचानक से कोई चमत्कार होता है और फिर सब ठीक हो जाता है। कुछ ऐसा ही हुआ एक महिला के साथ। जिसका 12 लाख रुपए का सोना भूल जाने के बाद भी उसे बाद में सही सलामत मिल गया। आइए जानत हैं कि महिला के साथ यह चमत्कार हुआ कैसे? जिसका स्टोरी इस वक्त सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है।
महिला का नाम कमिनी कन्नन है। जो पहले 23 साल तक दुबई में रहीं और फिर साल 2021 में भारत लौट आईं। हाल ही में वह एक शादी में शामिल होने के लिए फिर से दुबई आई थीं। इसी दौरान उनकी नजर उनके पुराने जमा किए हुए सोने पर गई। चूंकि इस वक्त सोने के दाम काफी बढ़ रहे हैं इसलिए उन्होंने अपने सोने को एक बार फिर से निहारना चाहा।
ऐसे में जब कमिनी ने गौर से सोने को देखा तो उन्हें पता चला कि जिस थैली में वह सोना रखती थीं, वह पुरानी हो चुकी थी और फटने लगी थी इसलिए उन्होंने सारा सोना दूसरी थैली में रखकर खाने वाले टेबल पर रख दिया। उस थैली में 8 ग्राम के चार 22 कैरेट के सोने के सिक्के थे और एक 24 कैरेट की 50 ग्राम की सोने की बिस्किट थी।
जिस दिन उन्होंने सोने वाली थैली टेबल पर रखी थी उसी दिन घर की सफाई भी हो रही थी। ऐसे में किसी ने गलती से वह थैली कूड़े के साथ फेंक दी। किसी को भी उस समय इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि इस थैली में कीमती सोने रखे हुए हैं। 1 फरवरी की सुबह, जब कमिनी को भारत लौटना था, तब उन्हें वह सोने की थैली नहीं मिली।
काफी खोजने पर पता चला कि उनके बेटे ने अनजाने में वह थैली कूड़े में डाल दी थी। जिसके बाद परिवार को लगा कि अब सोना हमेशा के लिए खो गया। उस समय सोने की कीमत करीब 50 हजार दिरहम (लगभग 12 लाख रुपये) थी। इतना बड़ा नुकसान होने के बावजूद परिवार ने पुलिस में शिकायत नहीं की, क्योंकि उन्हें लगा कि अब कुछ नहीं हो सकता।
तीन दिन बाद, 4 फरवरी को कमिनी के बेटे अभिमन्यु को बिल्डिंग के गार्ड का फोन आया। गार्ड ने बताया कि पुलिस उनसे संपर्क करना चाहती है। पता चला कि एक कचरा उठाने वाले कर्मचारी को वह सोने की थैली मिली थी। उसने ईमानदारी दिखाते हुए उसे गोल्ड सूक (सोने का बाजार) में जमा करा दिया। वहां से पुलिस को इसकी जानकारी मिली।
जिसके बाद पुलिस ने अपने एडवांस सिस्टम की मदद से यह पता लगा लिया कि वह कचरा किस बिल्डिंग से आया था। इस तरह पुलिस उस परिवार से मिलने पहुंची। अभिमन्यु को नाइफ पुलिस स्टेशन बुलाया गया। वहां उनसे सोने की फोटो, बिल और जरूरी कागज मांगे गए, ताकि यह साबित हो सके कि सोना उनकी मां का है।
कुछ घंटों में सारी प्रक्रिया पूरी हो गई। अभिमन्यु ने बताया कि पुलिस अधिकारी बहुत सहयोगी और विनम्र थे। बिना किसी परेशानी के परिवार को उनका सोना वापस मिल गया। कमिनी और उनका परिवार आज भी इस घटना को किसी चमत्कार से कम नहीं मानते।