Vande Bharat Sleeper Train Food Provider: वंदे भारत पहली स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखा दी गई है। देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन पश्चिम बंगाल में चलेगी। आमतौर पर ट्रेन में खाने-पीने को लेकर बड़ा लफड़ा रहता है और खासतौर पर जब वंदे भारत जैसी लग्जरी और हाई-फाई ट्रेन की बात हो। यदि आप भी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में खान-पान को लेकर टेंशन में थे तो अब आपकी टेंशन दूर हो गई है। उस कंपनी का नाम सामने आ गया है जो वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में कैटरिंग का काम संभालेगी।
असम की एक प्रतिष्ठित आतिथ्य सेवा कंपनी ने भारत की पहली ‘वंदे भारत स्लीपर ट्रेन’ के लिए खान-पान (कैटरिंग) का ठेका हासिल किया है। इसके साथ ही यह पूर्वोत्तर क्षेत्र की पहली ऐसी कंपनी बन गई है, जो देश की इस प्रीमियम रात भर चलने वाली ट्रेन में यात्रियों को अपने खास व्यंजन परोसेगी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार दोपहर पश्चिम बंगाल के मालदा टाउन स्टेशन से हावड़ा और गुवाहाटी (कामाख्या) के बीच चलने वाली देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस ऐतिहासिक ट्रेन सेवा के लिए गुवाहाटी स्थित मेफेयर स्प्रिंग वैली रिसॉर्ट को आधिकारिक कैटरर चुना गया है, जिसने भारतीय रेलवे खान-पान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) के साथ साझेदारी की है।
इस व्यवस्था के तहत यात्रियों को पश्चिम बंगाल और असम के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद मिलेगा। भोजन स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सामग्रियों से तैयार किया जाएगा। मेन्यू में बसंती पुलाव, छोलार और मूंग दाल, छनार और ढोकार दालना, असमिया जोहा चावल, मती मोहोर और मसूर दाल, मौसमी सब्जियों की भाजी के साथ-साथ संदेश, नारियल बर्फी और रसगुल्ला जैसी क्षेत्रीय मिठाइयाँ शामिल हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, मेन्यू को खास तौर पर रात भर की यात्रा के अनुरूप तैयार किया गया है। इसमें कम मसालों वाले शाकाहारी भोजन, मौसमी उत्पादों और पारंपरिक पाक विधियों पर विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि यात्रियों को हल्का, स्वादिष्ट और सेहतमंद भोजन मिल सके।
मेफेयर स्प्रिंग वैली रिसॉर्ट के प्रबंध निदेशक रतन शर्मा ने कहा कि हर व्यंजन को इस तरह तैयार किया गया है, जिससे बंगाल और असम का असली स्वाद झलक सके और आज के दौर की खान-पान की पसंद भी पूरी हो। उनका कहना है कि भोजन के जरिए यात्रियों को स्थानीय संस्कृति से जोड़ना और उन्हें एक यादगार अनुभव देना ही इस पहल का मुख्य उद्देश्य है।
हावड़ा-कामाख्या वंदे भारत स्लीपर ट्रेन करीब 1,000 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। इसमें प्रथम एसी, द्वितीय एसी और तृतीय एसी सहित कुल 16 पूर्ण वातानुकूलित कोच होंगे। इन कोचों में लगभग 823 यात्रियों के बैठने और सोने की सुविधा उपलब्ध होगी।