पानी गर्म करने के लिए इस्तेमाल होने वाला इलेक्ट्रिक गीजर उच्च क्षमता वाले हीटिंग एलिमेंट पर काम करता है। सामान्यतः 2,000 से 3,000 वॉट तक की क्षमता वाला गीजर एक घंटे में लगभग 2 से 3 यूनिट तक बिजली की खपत कर सकता है। यदि घर में गीजर लंबे समय तक चालू रखा जाए या जरूरत से ज्यादा गर्म पानी का उपयोग किया जाए, तो इसका सीधा असर बिजली बिल पर दिखाई देता है। इसलिए आवश्यकता होने पर ही गीजर चालू करना बेहतर माना जाता है।
हेयर ड्रायर और इलेक्ट्रिक केतली ऐसे उपकरण हैं जिनकी पावर रेटिंग काफी अधिक होती है। अधिकांश हेयर ड्रायर 1,800 से 2,200 वॉट तक की क्षमता के होते हैं, जबकि इलेक्ट्रिक केतली भी लगभग इतनी ही बिजली ले सकती है। हालांकि इनका उपयोग कुछ मिनटों के लिए किया जाता है, लेकिन लगातार या बार-बार इस्तेमाल करने पर इनकी कुल बिजली खपत बढ़ जाती है।
आज के समय में इंडक्शन कुकर और माइक्रोवेव ओवन का उपयोग तेजी से बढ़ा है। इंडक्शन कुकर आमतौर पर 2,000 वॉट तक की क्षमता पर काम करता है, जबकि माइक्रोवेव ओवन भी खाना गर्म करने या पकाने के दौरान काफी बिजली की मांग करता है। यदि इन उपकरणों का लंबे समय तक उपयोग किया जाए तो इनकी बिजली खपत भी उल्लेखनीय हो सकती है।
सामान्य 1.5 टन AC औसतन एक घंटे में लगभग 1.5 से 1.8 यूनिट बिजली खर्च कर सकता है। हालांकि इन्वर्टर AC कमरे का तापमान स्थिर होने के बाद अपनी बिजली खपत कम कर देता है। इसके विपरीत, हीटिंग आधारित उपकरण लगातार अधिक पावर लेते हैं, इसलिए सीमित समय में उनकी बिजली खपत AC से अधिक हो सकती है।
बिजली की बचत के लिए ऊर्जा दक्ष (5-स्टार) उपकरणों का चयन करना फायदेमंद हो सकता है। गीजर को जरूरत पड़ने पर ही चालू करें और उपयोग के बाद तुरंत बंद कर दें। इलेक्ट्रिक केतली, हेयर ड्रायर और माइक्रोवेव का अनावश्यक उपयोग करने से बचें। साथ ही, AC का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखने, समय-समय पर उसकी सर्विस कराने और कमरे को अच्छी तरह बंद रखने से भी बिजली की खपत कम की जा सकती है।
यह धारणा पूरी तरह सही नहीं है कि केवल AC ही सबसे ज्यादा बिजली खर्च करता है। वास्तव में, गीजर, हेयर ड्रायर, इलेक्ट्रिक केतली, इंडक्शन कुकर और माइक्रोवेव जैसे उपकरण अपनी उच्च पावर रेटिंग के कारण कम समय में अधिक बिजली की खपत कर सकते हैं। हालांकि कुल मासिक बिजली बिल इस बात पर निर्भर करता है कि कौन-सा उपकरण कितनी देर और कितनी बार इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए बिजली बचाने का सबसे प्रभावी तरीका यही है कि सभी उपकरणों का उपयोग आवश्यकता और सावधानी के साथ किया जाए।