अब सीमावर्ती राज्यों के उन किसानों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा जिनके पास खेती से जुड़े दस्तावेज मौजूद नहीं हैं, यानी यदि आपके पास जमीन का काई दस्तावेज नहीं है तो भी आपको पैसे मिलेंगे, हालांकि इसके लिए राज्य सरकार को यह पुष्टि करनी होगी कि संबंधित व्यक्ति वास्तव में खेती करता है।
अब तक देशभर के करोड़ों किसानों को पीएम किसान योजना की 20 किस्तों का लाभ मिल चुका है और वे 21वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं। इस योजना के तहत हर पात्र किसान को सालाना 6000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है, जो तीन किस्तों में बांटी जाती है। प्रत्येक किस्त में किसानों को 2000 रुपये सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाते हैं।
आमतौर पर किस्तें सभी किसानों को एकसाथ जारी होती हैं, लेकिन इस बार बाढ़ और प्राकृतिक आपदा से प्रभावित राज्यों को प्राथमिकता दिए जाने की संभावना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में हिमाचल प्रदेश और पंजाब के दौरे के दौरान संकेत दिया था कि प्रभावित किसानों को एडवांस किस्त जारी की जा सकती है।
वहीं, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी पिछले दिनों जम्मू-कश्मीर के बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा कर किसानों को तुरंत राहत देने का आश्वासन दिया। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि आने वाली किस्त में सबसे पहले पंजाब, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर के किसानों को 2000 रुपये की राहत राशि मिल सकती है।
यदि आप भी पीएम किसान की 21वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं तो आपको पहले ई-केवाईसी करना होगा, वरना आपके खाते में पैसे नहीं आएंगे। ई-केवाईसी आप ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से कर सकते हैं। ऑनलाइन e-KYC के लिए अपने मोबाइल/कंप्यूटर से pmkisan.gov.in पर जाएं या किसान ऐप खोलें। होमपेज पर 'e-KYC' ऑप्शन पर क्लिक करें। आधार नंबर डालें और मोबाइल पर आए ओटीपी से वेरिफाई करें। आपकी e-KYC पूरी हो जाएगी।
अगर आपके पास इंटरनेट सुविधा नहीं है, तो नजदीकी CSC सेंटर पर जाएं। वहां आपका आधार कार्ड और बायोमेट्रिक से e-KYC की प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी। ध्यान रखें कि आधार कार्ड साथ लेकर जाएं।
अगर आप चाहते हैं कि 21वीं किस्त बिना देरी के आपके खाते में पहुंचे, तो e-KYC जल्द से जल्द करा लें। देर करने पर किस्त अटक सकती है। किसी समस्या की स्थिति में आप PM-KISAN हेल्पलाइन 155261 या 011-24300606 पर संपर्क कर सकते हैं।