बता दें कि इससे पहले नवंबर 2025 में पीएम किसान की 21वीं किस्त जारी हुई थी। उस दौरान 9 करोड़ किसानों के खाते में करीब 18,000 करोड़ रुपये ट्रांसफर हुए थे।
पीएम किसान की 22वीं किस्त भले ही 13 मार्च 2026 को आ रही है लेकिन कुछ किसानों को यह पैसे नहीं मिलेंगे। दरअसल सरकार ने साफतौर पर कहा है कि जिन किसानों ने अभी तक फार्मर आईडी नहीं बनवाई है या फिर केवाईसी नहीं कराया है, उन्हें पैसे नहीं मिलेंगे।
इस बार बिहार के किसानों के खाते में 3,000 रुपये आएंगे। हाल ही में बिहार सरकार ने कहा था कि बिहार के किसानों को पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त में 1,000 रुपये अतिरिक्त यानी कुल 3,000 रुपये मिलेंगे और पूरे साल में 6,000 की जगह 9,000 रुपये मिलेंगे।
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक्स पर जानकारी देते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि लघु और सीमांत किसानों के लिए बड़ा संबल बनी है। इस योजना में अब तक किसानों के खातों में 4 लाख 9 हजार करोड़ से अधिक की राशि 21 किश्तों में डाली जा चुकी है।
बता दें कि पीएम किसान योजना के 7 साल पूरे हो चुके हैं। 24 फरवरी 2019 को पीएम किसान योजना की शुरुआत हुई थी। इस योजना के तहत हर साल किसानों के खाते में 6,000 रुपये भेजे जाते हैं, हालांकि कुछ राज्यों में यह राशि 9,000 रुपये तक भी है।
बता दें कि यूपी, मध्यप्रदेश और राजस्थान समेत देश के कई राज्यों में लाखों किसानों के नाम पीएम किसान योजना से काटे गए हैं। सरकार का कहना है कि ये किसान अवैध तरीके से योजना का लाभ ले रहे थे।
22वीं किस्त के आने से ठीक पहले पीएम किसान के आधिकारिक पोर्टल में बड़ा बदलाव किया गया है। सरकार ने ‘पीएम किसान पोर्टल’ को आधुनिक कृषि का डिजिटल साथी बताया है, जहां किसान पंजीकरण से लेकर भुगतान की स्थिति जांचने और शिकायत दर्ज कराने तक की सुविधाओं का लाभ एक ही जगह से उठा सकते हैं। इसका उद्देश्य किसानों के लिए प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाना है।
किसानों की सहायता के लिए पोर्टल पर ई-मित्र चैटबॉट की सुविधा भी दी गई है, जो 24 घंटे जानकारी और मार्गदर्शन उपलब्ध कराता है। इसके अलावा किसान कॉल सेंटर हेल्पलाइन नंबर 1800-180-1551 (सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक) पर संपर्क करके भी अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकते हैं।